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    खेदिव के स्टार मेडल के रूप में प्रचलित, यह पदक उन सैनिकों को प्रदान किया जाता था जिन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में इनमें से किस देश में सेवा दी थी?

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    KBC 14: खेदिव के स्टार मेडल सैनिकों को प्रदान किया जाता था, ब्रिटिश भारतीय सेना में किस देश में सेवा दी थी?

    KBC 14 Play Along 19 September, Kaun Banega Crorepati 14, Episode 32: खेदिव के स्टार मेडल के रूप में प्रचलित यह पदक उन सैनिकों को प्रदान किया जाता था जिन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में इनमें से किस देश में सेवा दी थी?

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    Updated.1 घंटे पहले. New Delhi, Delhi, India

    KBC 14: खेदिव के स्टार मेडल सैनिकों को प्रदान किया जाता था, ब्रिटिश भारतीय सेना में किस देश में सेवा दी थी?

    KBC Daily Play Along Quiz (फोटो साभार: Twitter/SonyTV)

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    KBC 14 Play Along 19 September, Kaun Banega Crorepati 14, Episode 32: खेदिव के स्टार मेडल के रूप में प्रचलित यह पदक उन सैनिकों को प्रदान किया जाता था जिन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में इनमें से किस देश में सेवा दी थी?

    Posted bySandip Kumar

    KBC 14 Play Along 19 September, Kaun Banega Crorepati 14, Episode 32: खेदिव के स्टार मेडल के रूप में प्रचलित यह पदक उन सैनिकों को प्रदान किया जाता था जिन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में इनमें से किस देश में सेवा दी थी?

    ऑप्शन:

    A. मोरक्को B. मिस्त्र C. ईरान D. सउदी अरब

    उत्तर: B. मिस्त्र

    खेदिव के स्टार मेडल के रूप में प्रचलित यह पदक उन सैनिकों को प्रदान किया जाता था जिन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में मिस्त्र देश में सेवा दी थी. यह पदक 1882 में खेदीव तेवफिक पाशा द्वारा स्थापित किया गया था, जिन्होंने 1882 और 1891 के बीच मिस्र और सूडान में सैन्य अभियानों में भाग लेने वालों को पुरस्कृत किया था. युद्ध में ब्रिटिश सफलता ने मिस्र के खेडिव की स्थिति को मजबूत किया, ब्रिटिश सरकार के समर्थक तेवफिक पाशा, जिन्होंने लड़ाई में भाग लेने वाले और ब्रिटिश मिस्र पदक प्राप्त करने वाले सभी ब्रिटिश और भारतीय सैनिकों को पुरस्कृत करने का फैसला किया. इस पुरस्कार में ब्रिटिश सेनाएं शामिल थीं जिन्होंने 1882 के एंग्लो-मिस्र युद्ध और उसके बाद के महदी युद्ध के दौरान सेवा की, जिन्होंने ब्रिटिश मिस्र पदक और खेडिव्स स्टार दोनों प्राप्त किए. खेदीव ने गैर-सैन्य सेवा के लिए मिस्र के नागरिकों को स्टार के एक छोटे से पुरस्कार भी दिए.

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    खेदिव के स्टार मेडल के रूप में प्रचलित यह पदक उन सैनिकों को प्रदान किया जाता था जिन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में इनमें से किस देश में सेवा दी थी?

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    स्रोत : hindi.opoyi.com

    भारतीय सेना के युद्ध सम्मान

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    भारतीय सेना के युद्ध सम्मान

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    भारतीय सेना के युद्ध सम्मान उन उल्लेखनीय सेवा देने वाले सैनिको को दिए जाते है जिन्होंने शांति अथवा युद्ध काल में अपनी विशेष सेवाए दी। भारतीय सशस्‍त्र सेनाएँ सैन्य सम्मान के असंख्य पदको की पात्र हैं। असाधारण बहादुरी और साहस के लिए इन्हें सम्मानित किया जाता है, साथ ही साथ युद्ध और शांति के दौरान अनेको सेवा और अभियान पदक से सम्मानित किया गया है।

    अनुक्रम

    1 सम्मान

    1.1 युद्ध के समय वीरता पुरस्कार

    1.2 शांतिकाल वीरता पुरस्कार

    2 पदक

    2.1 विशिष्ट सेवा एवं वीरता पदक

    2.2 युद्ध के समय के विशिष्ट सेवा पदक

    2.3 शांतिकाल विशिष्ट सेवा पदक

    3 सेवा और अभियान पदक

    4 लंबे समय से सेवा पुरस्कार

    5 स्वतंत्रता पदक 6 प्रेषण में उल्लेख 7 प्रशस्ति पत्र 8 पदक के क्रम 9 सन्दर्भ 10 बाहरी कड़ियाँ

    सम्मान[संपादित करें]

    वरीयता क्रम में सम्मान :

    युद्ध के समय वीरता पुरस्कार[संपादित करें]

    परम वीर चक्र (पीवीसी)महा वीर चक्र (MVC)वीर चक्र (VrC)

    शांतिकाल वीरता पुरस्कार[संपादित करें]

    अशोक चक्र (एसी)कीर्ति चक्र (KC)शौर्य चक्र (एसआरसी)

    पदक[संपादित करें]

    विशिष्ट सेवा एवं वीरता पदक[संपादित करें]

    सेना पदक (सेना) (एसएम)नौसेना पदक (नौसेना) (एनएम)वायुसेना पदक (एयर फोर्स) (VM)

    युद्ध के समय के विशिष्ट सेवा पदक[संपादित करें]

    सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM)उत्तम युद्ध सेवा पदक (UYSM)युद्ध सेवा पदक (YSM)

    शांतिकाल विशिष्ट सेवा पदक[संपादित करें]

    परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम)अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम)विशिष्ट सेवा पदक (VSM)

    सेवा और अभियान पदक[संपादित करें]

    घाव पदकजनरल सर्विस पदक 1947सामान्य सेवा पदक 1965विशेष सेवा पदकसमर सेवा स्टारपूर्वी स्टारपश्चिमी स्टारऑपरेशन विजय स्टारसियाचिन ग्लेशियर पदकरक्षा पदकसंग्राम पदकआपरेशन विजय पदकआपरेशन पराक्रम पदकसैन्य सेवा पदकहाई आल्टीट्यूड सर्विस पदकविदेश सेवा पदक

    लंबे समय से सेवा पुरस्कार[संपादित करें]

    सराहनीय सेवा पदकलंबे समय से सेवा और अच्छा आचरण पदक30 वर्ष लम्बी सेवा पदक20 वर्ष लम्बी सेवा पदक9 वर्ष लम्बी सेवा पदकप्रादेशिक सेना सम्मान प्रादेशिक सेना पदक

    स्वतंत्रता पदक[संपादित करें]

    भारतीय स्वतंत्रता पदक50 वें स्वतंत्रता वर्षगांठ पदक25 वें स्वतंत्रता वर्षगांठ पदक

    प्रेषण में उल्लेख[संपादित करें]

    युद्ध क्षेत्र में वीरता के कृत्यों को मान्यता देने के लिए ,1 9 47 के बाद से प्रेषण का उल्लेख किया गया है,ये उन सैनिको के लिए हैं जो वीरता पुरस्कार प्राप्त करने के लिए पर्याप्त पात्रता नहीं रखते। योग्य कर्मियों में सेना, नौसेना और वायुसेना के सभी कर्मचारी शामिल हैं जिनमें रिजर्व फोर्स, प्रादेशिक सेना, मिलिशिया और अन्य कानूनी रूप से गठित सशस्त्र बलों, नर्सिंग सेवा के सदस्यों और सशस्त्र बलों के तहत काम करने वाले नागरिक शामिल हैं।प्रेषण में मृत्यु के बाद कार्मिकों का उल्लेख किया जा सकता है और कई पुरस्कार भी संभव हैं। प्रेषण में उल्लेखित प्राप्तकर्ता को प्रासंगिक अभियान पदक के रिबन पर एक कमल के रूप में एक प्रतीक पहनाया जाता है। उन्हें रक्षा मंत्रालय से आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।[1]

    प्रशस्ति पत्र[संपादित करें]

    चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड

    सैन्य प्रशस्ति पत्रों की सभी तीन शाखाएं, जो "शौर्य या विशिष्ट सेवा के व्यक्तिगत कृत्यों या ड्यूटी के प्रति समर्पण के लिए , या तो संचालन या गैर-परिचालन वाले क्षेत्रों में प्रदर्शन करते हैं ,जो उच्च शौर्य के लिए अर्हता प्राप्त पात्र नहीं हैं ,उनके लिए बैज प्रदान किये जाते है। यह पुरस्कार बहादुरी या विशिष्ट सेवा या विशेष सेवा के एक विशेष कार्य के लिए होगा। पुरस्कार मरणोपरांत नहीं दिया जाएगा। " सभी तीन शाखाएं उच्चतम अधिकारी (सेना स्टाफ के चीफ, नौसेना स्टाफ के प्रमुख और वायुसेनाध्यक्ष) के स्तर पर प्रशस्ति पत्र जारी करते हैं। निम्न स्तरों पर पुरस्कार सेवाओं के बीच अंतर होता हैं। [2][3][4]

    पदक के क्रम[संपादित करें]

    विभिन्न सम्मान और पदक निम्नलिखित क्रम में है :[5][6]

    0 पुरस्कार नाम 1 भारत रत्न 2 परम वीर चक्र 3 अशोक चक्र 4 पद्म विभूषण 5 पद्म भूषण

    6 सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक

    7 परम विशिष्ट सेवा पदक

    8 महावीर चक्र 9 कीर्ति चक्र 10 पद्मश्री

    11 सर्वोतम जीवन रक्षा पदक

    12 उत्तम युद्ध सेवा पदक

    13 अति विशिष्ट सेवा पदक

    14 वीर चक्र 15 शौर्य चक्र

    16 शौर्य के लिए राष्ट्रपति की पुलिस और अग्नि सेवा पदक

    17 शौर्य के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक

    18 शौर्य के लिए राष्ट्रपति की अग्नि सेवा पदक

    19 बहादुरी के लिए राष्ट्रपति की सुधारक सेवा पदक

    स्रोत : hi.wikipedia.org

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    Indian Army Day 2021: हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस (Army Day) मनाया जाता है. इस साल भारत का 73वां सेना दिवस मनाया जा रहा है.

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    Written By  Zee Media Bureau|Last Updated: Jan 15, 2021, 09:43 AM IST

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    नई दिल्ली: Indian Army Day 2021: हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस (Army Day) मनाया जाता है. इस साल भारत का 73वां सेना दिवस मनाया जा रहा है. आज का दिन सैन्य परेडों, सैन्य प्रदर्शनियों व अन्य कार्यक्रमों के साथ नई दिल्ली व सभी सेना मुख्यालयों में मनाया जाता है.यह भी पढ़े: आज से 11 अंकों का हो जाएगा आपका मोबाइल नंबर! जानिए क्या हुए बदलाव

    सेना दिवस के अवसर पर पूरा देश थल सेना की बहादुरी, अदम्य साहस, शौर्य और उसकी कुर्बानी को याद करता है. इस लेख में हम आपको सेना सर्वात्तम मेडल्स के बारे में बता रहे हैं.

    सेना में दो स्तर पर मेडल दिए जाते हैं. एक युद्ध के दौरान बहादुरी दिखाने पर और दूसरा शांति के दौरान वीरता दिखाने पर. ये वीरता पुरस्कार साल में दो बार घोषित किए जाते हैं. गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर. इन पुरस्कारों का वरीयता क्रम है परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र.

    यह भी पढ़े: Video: होम मिनिस्टर अमित शाह ने उत्तरायण के मौके पर उड़ाई पतंग, जानिए किसने काटी?युद्ध के दौरान दिए जाने वाले मेडल

    1 परम वीर चक्र- परमवीर च्रक भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है. ये अवॉर्ड ज्यादातर मरणोपरांत दिया जाता है. यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता शूरता और बलिदान के लिए दिया जाता है. पहली बार 3 नवंबर, 1947 को भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन के मेजर सोमनाथ शर्मा को ये पुरस्कार दिया गया था. हालांकि इस पुरस्कार को देने की औपचारिक घोषणा  26 जनवरी, 1950 को राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने की थी. खास बात ये है कि इस परमवीर चक्र को आर्मी के ही एक अफसर विक्रम खानोलकर की पत्नी सविता खानोलकर ने डिजाइन किया था.  इसे बैंगनी रंग के रिबन के साथ पहना जाता है. अब तक 21 लोगों को ये सम्मान मिल चुका है.

    यह भी पढ़े: डिवाइडर पर चढ़ी गाड़ी तो ड्राइवर को बाहर निकाल कर दी धुनाई, देखिए VIDEO2.- महावीर चक्र

    ये मिलिट्री का दूसरा सबसे बड़ा अवॉर्ड है. यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता, शूरता और बलिदान के लिए दिया जाता है. यह मरणोपरांत भी दिया जा सकता है. सेना, नौसेना और वायु सेना के सभी रैंक के अधिकारी, प्रादेशिक सेना, रिजर्व बल और किसी अन्य विधिवत सशस्त्र बल के लोगों को दिया जा सकता है. सुरक्षा बलों में से किसी भी विभाग से सम्बंधित व्यक्ति को इस अवार्ड के लिए युद्ध क्षेत्र में बहादुरी दिखाने के लिए चुना जाता है. 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान ये मेडल सबसे ज्यादा दिए गए थे.

    यह भी देखें: प्रेग्नेंट महिला का कत्ल किया फिर पेट चीरकर निकाला बच्चा, अब मिली ऐसी सज़ा जो इतिहास में हुई दर्ज3- वीर चक्र

    युद्ध के समय वीरता के लिए दिया जाने वाला यह तीसरा सबसे बड़ा सम्मान है, जो दुश्मन के खिलाफ दिखाई गई बहादुरी के लिए दिया जाता है. यह पदक भी सैनिकों और असैनिकों को दिया जा सकता है. 26 जनवरी 1950 से इसकी शुरुआत हुई. इस मेडल को 16mm नीले और 16mm केसरिया रंग के रिबन के साथ पहना जाता है. वरियता में यह महावीर चक्र के बाद आता है.

    शांति के दौरान दिए जाने वाले मेडल

    शांति के दौरान यानी जब युद्ध नहीं हो रहा होता है, तब भी सेना के जवानों को वीरता पुरस्कार दिए जाते हैं. भारत ने अपनी आखिरी लड़ाई पाकिस्तान के साथ 1999 में लड़ी थी, लेकिन उसके बाद भी एयर स्ट्राइक, आतंकवादी घटनाएं, सीमा पर घुसपैठ और क्रास बॉर्डर फायरिंग जैसी चीजें होती रहती हैं, जिनमें असाधारण वीरता की ज़रूरत होती है और ऐसी वीरता दिखाने वालों को ये सम्मान मिलता है.

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    शांति के समय दिए जाने वाले ऐसे पुरस्कारों में है अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र शामिल हैं.

    1. अशोक चक्र- अशोक चक्र को पीसटाइम का परम वीर चक्र माना जाता है. यानी युद्ध से अलग वीरता और साहस के लिए दिया जाने वाला ये सबसे बड़ा अवार्ड है. इसने ब्रिटिश जॉर्ज क्रॉस अवार्ड की जगह ली थी. फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुहास बिस्वास पहले इंडियन थे, जिन्हें ये अवॉर्ड मिला. इस अवार्ड की शुरुआत 4 जनवरी 1952 को हुई थी. तब इसे अशोक चक्र क्लास 1 कहा जाता था. बाद में 1967 में इसे अशोक चक्र कहा जाने लगा. इसे हरे रिबन के साथ पहना जाता है, जिसमें एक केसरिया पट्टी बनी होती है.

    स्रोत : zeenews.india.com

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    Mohammed 11 day ago
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