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    गणगौर के अवसर पर गाए जाने वाले गीत की दो पंक्तियां लिखिए

    Mohammed

    Guys, does anyone know the answer?

    get गणगौर के अवसर पर गाए जाने वाले गीत की दो पंक्तियां लिखिए from screen.

    Gangaur Ke Geet – Written

    ~ गणगौर के गीत ~

    ~ गणगौर के गीत ~  पूजा शुरू करते समय

    1) किवाड़ी खुलवाने का गीत — Gangaur ka Geet Kiwadi khulvane ka

    गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी

    बाहर ऊबी थारी पूजण वाली।

    पूजो ए पूजो बाईयां , काई काई मांगों

    म्हे मांगा अन्न धन , लाछर लक्ष्मी।

    जलहर जामी बाबुल मांगा, राता देई मायड़

    कान कंवर सो बीरो  मांगा , राई सी भौजाई।

    ऊँट चढयो बहनोई मांगा , चूंदड़ वाली बहना

    पूस उड़ावन फूफो मांगा , चूड़ला वाली भुवा।

    काले घोड़े काको मांगा , बिणजारी सी काकी

    कजल्यो सो बहनोई मांगा , गौरा बाई बहना।

    भल मांगू पीहर सासरो ये भल मांगू सौ परिवार ये

    गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी।

    ********************************

    गणगौर के गीत पूजा करते समय

    Gangaur ke Geet Pooja vale

    गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती

    पार्वती का आला-गीला , गौर का सोना का टीका

    टीका दे , टमका दे , बाला रानी बरत करयो

    करता करता आस आयो वास आयो

    खेरे खांडे लाडू आयो , लाडू  ले बीरा ने दियो

    बीरो ले मने पाल दी , पाल को मै बरत करयो

    सन मन सोला , सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा

    जोड़ ज्वारा , गेंहू ग्यारा , राण्या पूजे राज ने ,

    म्हे पूजा सुहाग ने

    राण्या को राज बढ़तो जाए , म्हाको सुहाग बढ़तो जाय ,

    कीड़ी- कीड़ी , कीड़ी ले , कीड़ी थारी जात है ,

    जात है गुजरात है ,

    गुजरात्यां को पाणी , दे दे थाम्बा ताणी

    ताणी में सिंघोड़ा , बाड़ी में भिजोड़ा

    म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो , सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो

    लाडू ल्यो , पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो

    झर झरती जलेबी ल्यो , हरी -हरी दूब ल्यो ,

    गणगौर पूज ल्यो

    इस तरह सोलह बार बोल कर आखिरी में

    बोले एक-लो , दो-लो , तीन लो ….. सोलह-लो ।

    Gor Gor Gomti (English) – Gangaur Geet 

    Isar puje parwati, Parwati ka aala gela,

    Gor ka sona ka tika,Tika de tamka de rani

    Barat kare Gora de raani,Karta Karta aas aayo maas aayo,

    kher khand ladu layo, Ladu le bira ne diyo,

    biro le gatkaye gayo, biro chundri odhay gayo

    San man solah, Saat kachola, Ranya puje raaj ne, mhe mhaaka sawaag ne,

    Ranya ko raaj badhto jaaye, Mhako suhaag badhto jaaye,

    Sawaag bhaag keedi yae, Kidi thaari jaat hai,

    Jaat hai Gujarat hai, Gujaratiya ro pani ,

    de de thamba tani, Tani mein singhada, badi mein bijoda,

    maharo bhai emlyo ghemlyo, ladu leyo, peda leyo,

    jhar jharti jalebi leyo, hari hari dob leyo, gangaur pooj leyo,

    ek do teen char paach che saat aath nau das gyarah baarah tera chodah pandrah solahIsar

    Parwati dono bhola !!

    गीत ( 2 )

    ऊँचो , चवरो , चोकुंटो , जल जमना रो नीर मंगाय।

    जठ ईशर जी सांपज ,बाई गवरा गवर पूजाय।

    गवर पूजावंता यूं केब ,सायब आ  जोड़ी अबछाल राख

    अबछल पीवर सासरो , ए बाई ,अब छल सो परिवार ,

    ऊँचो चवरो चोकुंटो जल जमना रो नीर मंगाय।

    ( अपने घर वालो के नाम लेते जाएँ  )

    **********************

    गणगौर के गीत हिंडा के

     Gangaur ke Geet Hinda ke

    ~~~~~~~~~~

    चम्पा री डाली , हिन्डो माण्डयो , रेशम री गज डोर।

    जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

    म्हारे  हिंडोल इशरदास जी पधारया , ले बाई गवरा ने साथ।

    जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

    होले से झोटो दिया ओ पातलीया डरप लो नाजूक जीव।

    जी ओ म्हे हिंडो मण्डियों।

    चम्पल री डाली हिंडो मांडियो ,रेशम री  गज डोर।

    जी ओ म्हे हिंडो मंड्यो।

    ( बेटी जवाई के नाम लेते जाएँ  )

    ********************

    गणगौर के गीत चूनड़ी के

     Gangaur ke Geet Chundi ke

    ~~~~~~~~~~

    गीत ( 1 )

    ईशरदास जी बीरो चूनड़ी रंगाई

    बाई रोवां के दाय नहीं आई रे

    नीलगर ओज्यूँ रंग दे म्हारी चुनड़ी

    अल्ला रंग दे पल्ला रंग दे।

    म्हारे  माथे पे मोरिया छपाई दे नीलगर।

    ( भाई बहन का नाम लेना हैं।

    ईशरदास जी की जगह भाई का नाम

    और रोवा की जगह बहन का नाम  )

    गीत ( 2 )

    चमकण घाघरो चमकण चीर ,

    बोलबाई रोवां कुण थारा बीर

    बड़ो बड़ो म्हारो ईशरदास बीर

    बांसयुं छोटो कानीराम बीर

    चुनरी ओढावे म्हारो ईशरदास बीर

    माय स्यु मिलावे म्हारो छोटो कानीराम बीर।

    चमकण लागे घाघरा चमकण चीर …

    ( भाई का बहन का नाम लेते हैं )

    *******************

    गणगौर का गीत टीकी का

     Gangaur ka Geet Tiki ka

    ~~~~~~~~~

    अम्बो तो जाम्बा टीकी , पाना तो पल्ला टीकी

    हरो नगीनों टीकी सोना की

    या टीकी गौरा बाई ने सोवे

    ईशरदास जी बैठ घडावे टीकी

    अम्बो तो जाम्बा

    ( इसी प्रकार सबके नाम लेने हैं )

    *****************

    गणगौर का गीत चोपड़ा का

     Gangaur ka Geet Chopada ka

    ~~~~~~~~~

    गौर थारो चोपडो माणक मोती छायो ऐ

    माणक मोती छायो ऐ यो तो सच्चा मोती धायो ऐ

    ब्रह्मदास जी रा ईसरदास  जी रोली रंग लाया ऐ

    ईसरदास जी रा कानीराम जी परण पधराया ऐ

    परण पधारया वाकी माया टीका काड़या ऐ

    रोली  का वे टीका काड़या ऊपर चावल चेपया ऐ

    गौर थारो चोपडो माणक मोतिया छायो ऐ

    माणक मोतिया छायो ऐ वो तो सच्चा मोती छायो ऐ।

    (ब्रह्मदास जी की जगह दादा ससुर जी का ,

    ईसरदास की जगह पति का और

    कानीराम जी की जगह पुत्र का नाम लेना चाहिए )

    ******************

    जंवारा गणगौर गीत

    म्हारा हरिया जंवारा ओ राज लंबा-तिखा सरस बदृया

    म्हारा लुणीया जंवारा हो लांबा-तिखा सरस बदृया…

    ये तो सुरजीरा बाया हो राज, रेणा दे जी सिंच लिया

    ये तो इसरजीरा बाया ओ राज, गोरा दे जी सिंच लिया

    ये तो सासु बहुरा सिंच्या ओ राज, गहुडा पिला पड रह्या

    स्रोत : www.mmna.org

    गणगौर के गीत,गणगौर पूजा के गीत

    गणगौर के गीत गणगौर की पूजा में अहम् स्थान रखते है। खोल किवाड़ी,चुनड को में बरत करयो, गौर गौर गोमती आदि गीत प्रमुख हैं।

    गणगौर पूजन के गीत

    गणगौर के समय सबसे ज्यादा समस्या पूजन आदि के दौरान गाए जाने वाले गीतों के चयन व उनकी उपलब्धता को लेकर आती है। गणगौर के गीत गणगौर की पूजा में अहम् स्थान रखते है। यहाँ गणगौर गीत के बोल लिखे गये हैं। गणगौर की पूजा के समय गाये जाने वाले गीतों के बोल किवाड़ी खुलवाने के, गौर गौर गोमती , ऊँचो चवरो चोकुंठो, हिंडा के गीत, चुनड़ी के गीत, टीकी के गीत , चोपड़ा के गीत आदि गीत गणगौर पर गाए जाते हैं। यहां पाठकों की सुविधा के लिए गणगौर के दौरान विभिन्न अवसरों पर गाए जाने वाले कईं लोकगीतों की सूची दी गई है जिसे आप गणगौर के अवसर पर गा सकती हैं।

    खोल किवाड़ी प्रार्थना गीत

    गौरि ए गणगौरी माता ! खोल किवाड़ी ‘

    बाहर    उबी    थारी   पुजनवाली |

    पूजो ए पूजाओ बाई , काई  – काई  ! मांगों ?

    अन्न मांगों , धन मांगों , लाछ मांगों ,  लछमी ||

    जलहर  जामी बाबल माँगा रातादेई माई |

    कान कुंवर सो बीरों माँगा राई सी भोजाई

    ऊंट चढ्यो बहणेंई माँगा चुडला वाली बहणल ||

    गणगौर पूजन का गीत

    गौर – गौर गणपति ईसर पूजे पार्वती

    पार्वती का आला गीला , गौर का सोना का टिका ,

    टिका दे , टमका दे , राजा रानी बरत करे ,

    करता करता , आस आयो वास आयो ,

    खेरो   खांडो   लाडू  लायो ,

    लाडू ले बीरा न दियो ,बीरो म्हाने चुनड  दी

    चुनड को में बरत करयो

    सन मन सोला , ईसर गोरजा ,

    दोनु जौड़ा , जोर ज्वार

    रानी पूजे राज में , मैं पूजा सुहाग में ,

    रानी को राज घटतो जाई , म्हाखो सुहाग बढतों जाय ,

    किडी किडी कीड़ो ल्याय , किडी थारी जात दे ,

    जात दे , गुजरात दे , गुजरात्या को पानी

    दे दे थम्बा तानी , ताणी का सिघडा, बारी का बुजारा

    म्हारो भाई एम्ल्यो खेम्ल्यो ,

    सेर सिंघाड़ा ल्यो , पेफ का फूल ल्यो ,

    सूरज जी को डोरों ल्यो , सोना को कचोलो ल्यो

    गणगौर पूज ल्यो |

    गौर गौर गोमती गीत

    गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती

    पार्वती का आला-गीला , गौर का सोना का टीका

    टीका दे , टमका दे , बाला रानी बरत करयो

    करता करता आस आयो वास आयो

    खेरे खांडे लाडू आयो , लाडू  ले बीरा ने दियो

    बीरो ले मने पाल दी , पाल को मै बरत करयो

    सन मन सोला , सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा

    जोड़ ज्वारा ,गेंहू ग्यारा , राण्या  पूजे राज ने , म्हे पूजा सुहाग ने

    राण्या को राज बढ़तो जाए , म्हाको सुहाग बढ़तो जाय ,

    कीड़ी- कीड़ी , कीड़ी ले , कीड़ी थारी जात है , जात है गुजरात है ,

    गुजरात्यां को पाणी , दे दे थाम्बा ताणी

    ताणी में सिंघोड़ा , बाड़ी में भिजोड़ा

    म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो , सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो

    लाडू ल्यो , पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो

    झर झरती जलेबी ल्यो , हरी -हरी दूब ल्यो गणगौर पूज ल्यो

    इस तरह सोलह बार बोल कर आखिरी में

    बोले एक-लो , दो-लो ,तीन लो  ……..सोलह-लो।

    गणगौर के हिंडा के गीत

    चम्पा री डाली , हिन्डो माण्डयो , रेशम री गज डोर।

    जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

    म्हारे  हिंडोल इशरदास जी पधारया , ले बाई गवरा ने साथ।

    जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

    होले से झोटो दिया ओ पातलीया डरप लो नाजूक जीव।

    जी ओ म्हे हिंडो मण्डियों।

    चम्पल री डाली हिंडो मांडियो ,रेशम री  गज डोर।

    जी ओ म्हे हिंडो मंड्यो।

    गणगौर के चूनड़ी के गीत

    ईशरदास जी बीरो चूनड़ी रंगाई बाई रोवां के दाय नहीं आई रे

    नीलगर ओज्यूँ रंग दे म्हारी चुनड़ी

    अल्ला रंग दे पल्ला रंग दे।

    म्हारे  माथे पे मोरिया छपाई दे नीलगर।

     चमकण लागे घाघरा गीत

    चमकण घाघरो चमकण चीर , बोलबाई रोवां कुण थारा बीर

    बड़ो बड़ो म्हारो ईशरदास बीर बांसयुं छोटो कानीराम बीर

    चुनरी ओढावे म्हारो ईशरदास बीर माय स्यु मिलावे म्हारो छोटो कानीराम   बीर।

    चमकण लागे घाघरा चमकण चीर …

    गणगौर का टीकी गीत

    अम्बो तो जाम्बा टीकी ,पाना तो पल्ला टीकी

    हरो नगीनों टीकी सोना की

    या टीकी गौरा बाई ने सोवे

    ईशरदास जी बैठ घडावे टीकी

    अम्बो तो जाम्बा

    गणगौर का थारो चोपडो गीत

    गौर थारो चोपडो माणक मोती छायो ऐ

    माणक मोती छायो ऐ यो तो सच्चा मोती धायो ऐ

    ब्रह्मदास जी रा ईसरदास  जी रोली रंग लाया ऐ

    ईसरदास जी रा कानीराम जी परण पधराया ऐ

    परण पधारया वाकी माया टीका काड़या ऐ

    रोली  का वे टीका काड़या ऊपर चावल चेपया ऐ

    गौर थारो चोपडो माणक मोतिया छायो ऐ

    माणक मोतिया छायो ऐ वो तो सच्चा मोती छायो ऐ।

    गारा की गणगौर गीत

    गारा की गणगौर कुआ पर क्यों रे खड़ी है।

    सिर पर लम्बे-लम्बे केश, गले में फूलों की माला पड़ी रे।। गारा की गणगौर...

    चल्यो जा रे मूरख अज्ञान, तुझे मेरी क्या पड़ी रे।

    म्हारा ईशरजी म्हारे साथ, कुआ पर यूं रे खड़ी रे।। गारा की गणगौर...

    माथा ने भांवर सुहाय, तो रखड़ी जड़ाव की रे।

    कान में झालज सुहाय, तो झुमकी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर...

    मुखड़ा ने भेसर सुहाय, तो मोतीड़ा जड़ाव का रे।

    हिवड़ा पे हांसज सुहाय, तो दुलड़ी जड़ाव की रे।। गारा की गणगौर...

    तन पे सालू रंगीलो, तो अंगिया जड़ाव की रे।

    हाथों में चुड़ला पहना, तो गजरा जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर...

    पावों में पायल पहनी, तो घुंघरू जड़ाव का रे।

    उंगली में बिछिया सुहाय, तो अनवट जड़ाव का रे।। गारा की गणगौर...

    पाटा धोने का गीत

    पाटो धोय पाटो धोय , बीरा की बहन पाटो धो ,

    पाटा ऊपर पिलो पान , महे जास्या बीरा की जान ,

    जान जास्या , पान खास्या , बीरा न परनार ल्यास्या ,

    अली गली में  साँप जाय , भाभी थारो बाप जाय ,

    अली गली गाय जाय , भाभी तेरी माय जाये ,

    दूध में  डोरों , म्हारो भाई गोरो ,

    खाट पर खाजा , म्हारो भाई राजा ,

    थाली में जीरो म्हारो भाई हीरो ,

    थाली में हैं , पताशा बीरा करे तमाशा

    स्रोत : www.festivalsofindia.in

    गणगौर के गीत: गौर

    गणगौर गीत जॅंवारा लगाते समय, दूब लाते समय, बिंदी लगाते समय और पूजा के गाते है। गणगौर पर कौनसा गीत कब गाया जाता है, इसकी जानकारी आज हम इस पोस्ट में दे रहे हैं।

    गणगौर के गीत: गौर-गौर गणपति-ईसर पूजै पार्वती

    Tejas India festivals , Gangaur , rajasthan , Tradition

    गणगौर गीत जॅंवारा लगाते समय, दूब लाते समय, बिंदी लगाते समय और पूजा के गाते है। गणगौर पर कौनसा गीत कब गाया जाता है, इसकी जानकारी आज हम इस पोस्ट में दे रहे हैं।

    Gangaur Geet

    सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक गणगौर, गीतों के बिना अधूरा रहता है। 16 दिन तक गणगौर पूजा के दौरान गीत गूंजते हैं। अलग-अलग जगह गणगौर पर गीत कुछ अलग हो सकते है, लेकिन अधिकांश जगह जो गणगौर पर जो गीत गाएं जाते है वे इस प्रकार है-

    गणगौर गीत: गणगौर पूजन में जॅंवारा लगाते समय गीत गाया जाता है

    आयो-आयो चैतडल्या रो मास जी, जँवारा जतन कर राखज्यो जी।

    ईसरदासजी पेचडल्या मेँ टाँक सी जी, जँवारा जतन कर राखज्यो जी।

    बहू ओ गोराँदे रे चुडले रे माँय जी, जँवारा जतन कर राखज्यो जी।

    बेटा जी पेचडल्या मेँ टाँक सी जी, जँवारा जतन कर राखज्यो जी ।

    बहू रे चुडले रे माँय जी, जँवारा जतन कर राखज्यो जी ।

    गणगौर पर्व पर कोरोना का कहर, नहीं भरेंगे पारम्परिक मेले

    गणगौर गीत- 2

    म्हारा हरिया ए जुँवारा राज कि लाँबा-तीखा सरस बढ्या,

    म्हारा हरिया ए जुँवारा राज कि गँऊ लाल सरस बढ्या,

    गोर-ईसरदासजी का बाया ए क बहु गोरल सीँच लिया,

    गोर- कानीरामजी का बाया ए क बहु लाडल सीँच लिया,

    भाभी सीँच न जाणोँ ए क जो पीला पड गया,

    बाइजी दो घड सीँच्या ए क लाँबा-तीखा सरस बढ्या,

    म्हारो सरस पटोलो ए क बाई रोवाँ पैर लियो,

    गज मोतीडा रो हारो ए क बाई रोवाँ पैर लियो,

    म्हारो दाँता बण्या चुडलो ए क बाई रोवाँ पैर लियो,

    म्हारो डब्बा भरियो गैणोँ ए क बाई रोवाँ पैर लियो,

    म्हारी बारँग चूँदड ए क बाई रोवाँ ओढ लेई,

    म्हारो दूध भरयो कटोरो ए क बाई रोवाँ पी लियो,

    बीरा थे अजरावण हो क होज्यो बूढा डोकरा,

    भाभी सैजाँ मेँ पोढो ए क पीली पाट्याँ राज करे ।

    गणगौर गीत: गणगौर के लिए दूब लाते समय ये गीत गाते है

    बाडीवाला बाडीखोल बाडी की किँवाडी खोल, छोरियाँ आई दूब लेणथे

    कुण्याजी री बेटी हो, कुण्याजी री भेँण हो, के थारो नाम है,

    म्हेँ बिरमादासजी री बेटी हाँ, ईसरदासजी री भेँण हाँ, रोवाँ म्हारो नाम है।

    गणगौर पूजा के समय गीत-1

    गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी,

    बाहर ऊबी थारी पूजन वाली,

    पूजो ए पुजावो सँइयो काँई-काँई माँगा,

    माँगा ए म्हेँ अन-धन लाछर लिछमी जलहर जामी बाबुल माँगा,

    राताँ देई माँयड, कान्ह कँवर सो बीरो माँगा, राई (रुक्मणी) सी भौजाई,

    ऊँट चढ्यो बहनोई माँगा, चूनडवाली बहना,

    पून पिछोकड फूफो माँगा, माँडा पोवण भूवा,

    लाल दुमाल चाचो माँगा, चुडला वाली चाची,

    बिणजारो सो मामो माँगा, बिणजारी सी मामी,

    इतरो तो देई माता गोरजा ए, इतरो सो परिवार,

    दे ई तो पीयर सासरौ ए,

    सात भायाँ री जोड

    परण्याँ तो देई माता पातळा (पति)

    ए साराँ मेँ सिरदार

    गणगौर पर्व पर कोरोना का कहर, नहीं भरेंगे पारम्परिक मेले

    गणगौर पूजा का गीत-2

    ऊँचों चँवरो चौकुटो, जल जमना रो नीर मँगावो जी,

    जठे ईसरदासजी सापड्या (विराजे हैँ), बहू गोराँ ने गोर पुजावो जी,

    जठे कानीरामजी सापड्या बहु लाडल ने गोर पुजावो जी,

    जठे सूरजमलजी सापड्या, बाई रोवाँ ने गोर पुजावो जी,

    गोर पूजंता यूँ कैवे सायब या जोडी इभ् छल (इसी तरह) राखो जी,

    या जोडी इभ् छल राखो जी म्हारा चुडला रो सरव सोहागो जी,

    या जोडी इभ छल राखो जी म्हारै चुडला रे राखी बाँधो जी ।

    गणगौर पूजन: दूब के साथ 8 बार पूजा करते हैं

    गोर-गोर गोमती, ईसर पूजूँ पार्वतीजी,

    पार्वती का आला-गीला, गोर का सोना का टीका,

    टीका दे, टमका दे राणी, बरत करे गोराँदे रानी,

    करता-करता आस आयो, मास आयो,

    खेरे खाण्डे लाडू आयो, लाडू ले बीरा ने दियो,

    बीरो ले गटकाय ग्यो,चूँदडी ओढाय ग्यो,

    चूँदड म्हारी इब छल, बीरो म्हारो अम्मर,

    राण्याँ पूजे राज मेँ, म्हेँ म्हाँका सवाग मेँ,

    राण्याँ ने राज-पाट द्यो, म्हाँने अमर सवाग द्यो,

    राण्याँ को राज-पाट तपतो जाय, म्हारो सरब सवाग बढतो जाय

    ओल-जोल गेहूँ साठ, गौर बसे फूलाँ कै बास,

    म्हेँ बसाँ बाण्याँ कै बासकीडी-कीडी कोडूल्यो, कीडी थारी जात है,

    जात है गुजरात हैसाडी मेँ सिँघाडा, बाडी मेँ बिजौराईसर-गोरजा,

    दोन्यूँ जोडा, जोड्या जिमाया,जोड जँवारा, गेहूँ क्यारागणमण सोला,

    गणमण बीस, आ ए गौर कराँ पच्चीस

    गणगौर गीत: बिन्दियां लगाते समय ये गाते है

    आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै,

    तो ईसरदासजी बैठ घडावै ओ टीकी,

    रमाक झमाँ, टीकी, पानाँ क फूलाँ टीकी, हरयो नगीनो

    एआ टीकी बाई रोयणदे ने सोवै,

    तो सूरजमलजी बैठ घडावै ओ टीकी,

    रमाक झमाँ, टीकी, पानाँ क फूलाँ टीकी, हरयो नगीनो

    एआ टीकी बहू ने सोवै, तो बेटा बैठ घडावै ओ टीकी,

    रमाक झमाँ, टीकी, पानाँ क फूलाँ टीकी, हरयो नगीनो ऐ।

    मेहंदी डिजाइन 

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    स्रोत : www.tejasindia.in

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    Mohammed 8 day ago
    4

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