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    नि-क्षय किस बीमारी को समाप्त करने में सहायता करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित एक वेब पोर्टल है?

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    KBC 14: नि

    KBC 14 Play Along 23 September, Kaun Banega Crorepati 14, Episode 36: नि-क्षय किस बीमारी को समाप्त करने में सहायता करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित एक वेब पोर्टल है?

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    Updated.2 घंटे पहले. New Delhi, Delhi, India

    KBC 14: नि-क्षय किस बीमारी को समाप्त करने में सहायता करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित एक वेब पोर्टल है?

    KBC Daily Play Along Quiz (फोटो साभार: Twitter/SonyTV)

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    KBC 14 Play Along 23 September, Kaun Banega Crorepati 14, Episode 36: नि-क्षय किस बीमारी को समाप्त करने में सहायता करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित एक वेब पोर्टल है?

    Posted bySandip Kumar

    KBC 14 Play Along 23 September, Kaun Banega Crorepati 14, Episode 36: नि-क्षय किस बीमारी को समाप्त करने में सहायता करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित एक वेब पोर्टल है?

    ऑप्शन:

    A. पोलियो B. यक्ष्मा C. एड्स D. मलेरिया

    उत्तर: B. यक्ष्मा

    नि-क्षय यक्ष्मा यानी टीबी बीमारी को समाप्त करने में सहायता करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित एक वेब पोर्टल है. सरकार इस योजना के माध्यम से टीबी रोग से होने वाली मौत पर नियंत्रण पाना चाहती है. योजना के तहत टीबी रोगियों को स्वास्थ्य संस्थानों में जहाँ उनका इलाज चल रहा हो पंजीकृत करवाना आवश्यक होगा. इसके बाद स्वास्थ्य संस्थान निक्षय पोर्टल पर अपने -अपने संस्थान में टीबी का इलाज ले रहे रोगियों के नाम की सूचि रजिस्टर करेंगे. केंद्र सरकार द्वारा क्षय रोग (टीबी) नियंत्रण कार्यक्रम के तहत क्षय रोग से पीड़ित रोगियों को पोषण के लिए रु 500 मासिक दिए जाने की योजना शुरू किया गया है. इस योजना को रिवाइज्ड ट्यूबरक्लोसिस कण्ट्रोल प्रोग्राम के नाम से 1 अप्रैल 2018 को लागू किया गया है. दरअसल क्षय रोग में दवा के साथ -साथ पौष्टिक खाने की भी जरुरत होती है. देश भर के सरकारी अस्पतालों में टीबी की दावा मुफ्त मिलती है. सरकार बीपीएल श्रेणी के रोगियों को बिमारी ठीक करने में सहायक खाद्य पदार्थ के सेवन के लिए मदद स्वरूप रु 500 मासिक उपलब्ध करवाएगी. इसके लिए मरीज को इलाज ले रहे संस्थान में अपना पंजीकरण करवाना होगा. पंजीकृत रोगी के बैंक खाते में डायरेक्ट डेबिट ट्रान्सफर सिस्टम के द्वारा रु 500 मासिक लाभ प्रदान किया जाएगा.

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    #KaunBanegaCrorepati#KBCQuiz#kbcquestions#GeneralKnowledge#Entertainment

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    स्रोत : hindi.opoyi.com

    [फॉर्म] निक्षय पोषण योजना 2022: ऑनलाइन आवेदन

    निक्षय पोषण योजना 2022 एप्लीकेशन फॉर्म | Nikshay Poshan Yojana 2022 ऑनलाइन आवेदन कैसे करे | निक्षय पोषण योजना 2022 की पात्रता

    [फॉर्म] निक्षय पोषण योजना 2022: ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म

    16th May 2022 by Reena Sharma

    पीएम निक्षय पोषण योजना आवेदन । Nikshay Poshan Yojana Apply | निक्षय पोषण योजना एप्लीकेशन फॉर्म | Nikshay Poshan Yojana In Hindi

    निक्षय पोषण योजना को हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा टीबी से ग्रसित लोगो के लिए शुरू की गयी है ।इस योजना के अंतर्गत देश के जो लोग टीबी से ग्रसित है उन्हें केंद्र सरकार द्वारा अपने इलाज के लिए प्रतिमाह 500 रूपये की धनराशि वित्तीय सहायता के रूप में (An amount of Rs। 500 per month is provided by the Central Government as financial assistance for its treatment।) प्रदान की जाएगी । टीबी एक गंभीर बीमारी है पर कुछ लोगो के पास अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए और बीमारी के समय पौष्टिक आहार के लिए पैसे नहीं होते है उन लोगो को सरकार आर्थिक सहायता देगी ।

    Nikshay Poshan Yojana 2022

    देश के लगभग  13 लाख टीबी के मरीज़ो को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया (About 13 lakh TB patients of the country will be covered under this scheme ) जायेगा ।यदि टीबी के रोगियों को डॉक्टर की दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार नहीं मिलेगा तो उनकी मृत्यु हो सकती है ।मरीज़ के लिए जितनी ज़रूरी दवाई होती है उतनी ही ज़रूरी पोष्टिक भोजन भी होता है । इस Nikshay Poshan Yojana 2022 के ज़रिये केंद्र सकरार की बहुत ही अच्छी पहल है ।जिससे टीबी से मरने वाले लोगो की संख्या कमी आएगी ।

    इस योजना का लाभ उठाने के लिए निक्षय पोषण योजना 2022 के लिए आप स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकरण व नामांकन कर सकते हैं जहां से वे अपना इलाज ले रहें हैं। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से इस योजना से जुडी सभी जानकारी प्रदान करने जा रहे है । अतः हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े ।

    निक्षय पोषण योजना 2022 का उद्देश्य

    जैसे की आप लोग जानते है की टीबी एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है जिसे कुछ लोगो की मोत भी हो जाती है ।टीबी के मरीज़ो को दवाइयों के साथ अच्छा खाना नहीं खाते हैं, तो उन्हें उम्मीद के मुताबिक खाना नहीं मिलेगा। डॉक्टरों के अनुसार टीबी की दवाइयों के साथ मरीज को अच्छे भोजन की भी बहुत जरूरत होती है। इन सभी बातो पर धयान देते हुए केंद्र सरकार ने इस निक्षय पोषण योजना 2022 को शुरू किया है इस योजना के तहत टीबी के मरीज़ो को केंद्र सरकार द्वारा प्रतिमाह 500 रूपये की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान करना | हर महीने रोगियों को वित्तीय सहायता की पेशकश की जाएगी। यह अनुदान मरीज के ठीक होने तक जारी रखा जाएगा।

    Nikshay Poshan Yojana 2022 In Highlights

    योजना का नाम निक्षय पोषण योजना

    इनके द्वारा शुरू की गयी पीएम नरेंद्र मोदी जी के द्वारा

    लाभार्थी देश के टीबी से ग्रसित लोग

    उद्देश्य इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना

    आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन

    ऑफिसियल वेबसाइट https://nikshay.in/

    मरीजों की श्रेणी के आधार पर भुगतान अनुसूची

    मरीजों की श्रेणी पहला प्रोत्साहन दूसरा प्रोत्साहन तीसरा प्रोत्साहन चौथा प्रोत्साहन

    नये मरीज नामांकन के साथ आईपी फॉलो – अप एग्जामिनेशन के बाद 2 महीने के लिए फॉलो – अप एग्जामिनेशन के बाद 6 महीने के लिए NA

    औपचारिक रूप से रोगियों का ईलाज नामांकन के साथ आईपी फॉलो – अप एग्जामिनेशन के बाद 3 महीने के लिए ईलाज के बाद 5 महीने के लिए फॉलो – अप क्लिनिकल एग्जामिनेशन के बाद 8 महीने के लिए

    टीबी से पीड़ित व्यक्ति नामांकन के साथ फॉलो – अप एग्जामिनेशन के 2 महीने के लिए क्लिनिकल एग्जामिनेशन के बाद 4 महीने के लिए फॉलो – अप सेशन के दौरान 6 महीने के लिए

    निक्षय पोषण योजना 2022 के मुख्य तथ्य

    इस योजना के तहत 13 लाख से अधिक टीबी के ग्रसित लोगो को शामिल किया जायेगा ।

    केंद्र सरकार के संबंधित विभाग इस योजना के तहत नामांकन करने वाले सभी रोगियों के डेटा को रिकॉर्ड करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

    Nikshay Poshan Yojana 2022 के तहत नामांकित रोगियों की कुल संख्या 13 लाख तक पहुँच गई है।

    इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा एक डेटाबेस बनाया जाता है, जिसमें वे उन सभी रोगियों के लिए आवश्यक रिकॉर्ड समय-समय पर तैयार करते रहें है ।

    इस योजना के तहत टीबी रोगियों को मदद की पेशकश, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत किया जाएगा।

    यदि किसी मरीज का बैंक में खुद के नाम से खाता नहीं है, तो ऐसी स्थिति में वह किसी दूसरे व्यक्ति के खाता नंबर का उपयोग कर पैसे प्राप्त कर सकता हैं. लेकिन उसके लिए लाभार्थी का स्वयं द्वारा प्रमाणित एक सहमति पत्र भी दिया जाना आवश्यक है।

    यदि नया मरीज हैं या औपचारिक रूप से मरीज का ईलाज हो रहा हैं सभी को 2 महीने के लिए अतिरिक्त

    उपचार एवं थेरेपी पर 1000 रूपये मिलेंगे. यानि प्रति महीने के उपचार के लिए उन्हें 500 रूपये प्राप्त होंगे.

    लाभार्थी से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

    प्रत्येक लाभार्थी को एक बेनिफिशियरी आईडी प्रदान की जाएगी जिसके माध्यम से उसकी पहचान की जाएगी।

    लाभार्थियों को अपने बैंक खाता विवरण दर्ज करना होगा। इस विवरण में उनके बैंक का नाम, ब्रांच का नाम, ब्रांच आईडी, आईएफएससी कोड, बैंक अकाउंट नंबर आदि शामिल है।

    इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी पी एफ एम एस के साथ भी पंजीकृत होना अनिवार्य है।

    पी एफ एम एस द्वारा लाभार्थी को यूनीक आईडी प्रदान की जाएगी जो पंजीकरण के समय जमा करने अनिवार्य है।

    निक्षय योजना के अंतर्गत लाभ सर्जन

    इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को केवल तभी लाभ प्रदान किया जाएगा जब डीटीओ द्वारा यूजर आईडेंटिफाइड एस यूनीक का स्टेटस अपलोड किया जाएगा।

    लाभार्थी को नोटिफिकेशन के समय ₹1000 की राशि प्रदान की जाएगी।

    ₹1000 की राशि प्राप्त होने के पश्चात टीवी के ट्रीटमेंट के 56 दिन बाद ₹500 की राशि प्रतिमाह प्रदान की जाएगी।

    लाभ की राशि का वितरण 167 दिनों के पश्चात बंद कर दिया जाएगा।

    यदि लाभार्थी का ट्रीटमेंट 167 दिन के बाद भी चल रहा है तो इस संबंध में विभाग को जानकारी प्रदान करनी होगी।

    स्रोत : pmmodiyojana.in

    निक्षय पोषण योजना

    केवल दो-तिहाई तपेदिक से पीड़ित लोग केंद्र सरकार की एकमात्र पोषण सहायता योजना, निक्षय पोषण योजना (NPY), 2021 से लाभान्वित हुए, जो प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का प्रमुख विषय है।

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    निक्षय पोषण योजना

    25 Aug 2022 9 min read टैग्स: सामान्य अध्ययन-II

    सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप

    महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान

    प्रिलिम्स के लिये:

    टीबी रोग, टीबी से लड़ने के प्रयास।

    मेन्स के लिये:

    निक्षय पोषण योजना, स्वास्थ्य, सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप।

    चर्चा में क्यों?

    केवल दो-तिहाई तपेदिक से पीड़ित लोग केंद्र सरकार की एकमात्र पोषण सहायता योजना, निक्षय पोषण योजना (NPY), 2021 से लाभान्वित हुए, जो प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का प्रमुख विषय है।

    ट्यूबरक्लोसिस (टीबी)

    परिचय:

    टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है, जो लगभग 200 सदस्यों वाले माइकोबैक्टीरियासी परिवार से संबंधित है।

    कुछ माइकोबैक्टीरिया से मनुष्यों में टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियाँ होती हैं और कुछ   जानवरो  को संक्रमित करते हैं।

    टीबी, मनुष्यों में सबसे अधिक फेफड़ों (पल्मोनरी टीबी) को प्रभावित करता है, लेकिन यह अन्य अंगों (एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी) को भी प्रभावित कर सकता है।

    टीबी एक बहुत ही प्राचीन बीमारी है और इसके प्रमाण 3000 ईसा पूर्व मिस्र में पाए गए हैं।

    संचरण:

    टीबी हवा संक्रमण वायु के माध्यम से होता है। जब फेफड़े की टीबी से पीड़ित लोग खाँसते, छींकते या थूकते हैं, तो वे टीबी के कीटाणु वायु में फैल जाते हैं।

    लक्षण:

    फेफड़े की सक्रिय टीबी के सामान्य लक्षण बलगम और खून के साथ खाँसी, सीने में दर्द, कमज़ोरी, वज़न कम होना, बुखार और रात को पसीना आना हैं।

    उपचार:

    टीबी एक इलाज योग्य बीमारी है। इसका इलाज रोगी को सूचना, पर्यवेक्षण और सहायता प्रदान करने के साथ ही 4 रोगाणुरोधी दवाओं को मानक 6 महीने की समयावधि तक सेवन करा के किया जाता है।

    मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस का उपयोग दशकों से किया जा रहा है और सर्वेक्षण किये गए प्रत्येक देश में 1 या अधिक दवाओं के रेसिस्टेंट उपभेदों को दर्ज किया गया है।मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (MDR-TB) टीबी का एक प्रकार है जो ऐसे बैक्टीरिया के कारण होता है जो 2 सबसे शक्तिशाली पहली-पंक्ति की एंटी-टीबी दवाओं- आइसोनियाज़िड और रिफाम्पिसिन को निष्क्रिय कर देता है। इसका इलाज दूसरी-पंक्ति के दवाओं का उपयोग कर के किया जाता है।व्यापक रूप से दवा प्रतिरोधी टीबी (XDR-TB) MDR-TB का एक अधिक गंभीर रूप है जो उस बैक्टीरिया के कारण होता है जो सबसे प्रभावी दूसरी-पंक्ति एंटी-टीबी दवाओं को भी निष्क्रिय कर देता है तब रोगियों के उपचार का कोई विकल्प नहीं बचता।

    निक्षय पोषण योजना:

    परिचय :

    टीबी रोगियों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने के लिये अप्रैल 2018 में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के रूप में निक्षय पोषण योजना शुरुआत की गई है।

    इस योजना के तहत टीबी रोगियों को उपचार की पूरी अवधि के लिये प्रतिमाह 500 रुपए मिलते हैं।

    इसका उद्देश्य पोषण संबंधी ज़रूरतों के लिये प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से प्रति माह 500 रुपए की राशि प्रदान कर तपेदिक (TB) रोगी की सहायता करना है।

    इसकी स्थापना के बाद से73 मिलियन अधिसूचित लाभार्थियों को लगभग 1,488 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।

    प्रदर्शन:भारत टीबी रिपोर्ट, 2022 के अनुसार वर्ष 2021 देश भर में1 मिलियन अधिसूचित मामलों में से केवल 62.1% को में कम से कम एक किश्त का ही भुगतान किया गया है।

    दिल्ली में जहाँ प्रति 100,000 लोगों पर टीबी के सर्वाधिक 747 मामले हैं, वहाँ केवल2% मरीजों को DBT की एक ही किश्त प्राप्त हुई है।

    अन्य खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य पंजाब, झारखंड, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान और उत्तर प्रदेश हैं। पूर्वोत्तर में मणिपुर और मेघालय का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।

    चुनौतियाँ:

    स्वास्थ्य प्रदाताओं और मरीजों दोनों के लिये DBT में कई बाधाएँ विद्यमान हैं जैसे बैंक खातों की अनुपलब्धता और इन खातों का अन्य दस्तावेजों जैसे आधार, पैन-कार्ड आदि से संबद्ध न होना है।

    संचार का कमी, सामाजिक-कलंक, निरक्षरता और बहु-चरणीय अनुमोदन प्रक्रिया प्रमुख बाधाओं के रूप में विद्यमान हैं।

    राज्यों की अपनी पोषण संबंधी सहायता योजनाएँ हैं, लेकिन कुछ योजनाएँ केवल टीबी की दवाओं के प्रति प्रतिरोध दिखाने वाले रोगियों के लिये ही हैं।

    भारत में टीबी की स्थिति:

    भारत टीबी रिपोर्ट, 2022 के अनुसार वर्ष 2021 की अवधि में टीबी रोगियों की कुल संख्या 19 लाख से अधिक थी जो वर्ष 2020 में यह संख्या लगभग 16 लाख थी अर्थात् इन मामलों में 19% की वृद्धि देखी गई है।

    स्रोत : www.drishtiias.com

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    Mohammed 2 day ago
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