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    प्रेगनेंसी के पहले महीने में क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए

    Mohammed

    Guys, does anyone know the answer?

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    प्रेगनेंसी का पहला महीना — लक्षण, डाइट और सावधानियां

    प्रेगनेंसी की न्यूज कंफर्म होते ही आपकी जिंदगी खुशियों से भर जाती है। आपके दोस्त और परिवार वाले आपको शुभकामनाएं, दुवाएं और ग्रीटिंग्स देनी शुरू कर देते

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    ब्लॉग > स्त्री रोग विशेषज्ञ > गर्भावस्था > प्रेगनेंसी का पहला महीना — लक्षण, डाइट और सावधानियां

    प्रेगनेंसी का पहला महीना — लक्षण, डाइट और सावधानियां 

    Author Pristyn Care Team

    Updated on 24th August 2022

    प्रेगनेंसी की न्यूज कंफर्म होते ही आपकी जिंदगी खुशियों से भर जाती है। आपके दोस्त और परिवार वाले आपको शुभकामनाएं, दुवाएं और ग्रीटिंग्स देनी शुरू कर देते हैं। हर कोई आपको प्रेगनेंसी से संबंधित चीजों के बारे में बताना शुरू कर देते है। ऐसी स्थिति में कई बार आपको कन्फ्यूजन (Confusion) हो जाती है और आप कोई भी ऐसा कदम उठा सकती हैं जो आपके और आपके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसा खासकर आपके साथ तब होता है जब आप पहली बार प्रेगनेंट होती हैं क्योंकि उस समय आपको प्रेगनेंसी से संबंधित चीजों के बारे में ज्यादा और सही जानकारी नहीं होती है। इसलिए प्रेगनेंसी की शुरुआत में ही आपको इससे Sign of Pregnancy in Hindi संबंधित चीजों के बारे में सही से मालूम होनी जरूरी है।

    प्रेगनेंसी का पहला महीना (Pregnancy 1 Month Symptoms in Hindi) बहुत ही खास होता है। प्रेगनेंसी के शुरूआती चार सप्ताहों में आपके शरीर के अंदर ढेरों बदलाव आते हैं और (Period Ke Kitne Din Baad Pregnancy Hoti Hai in Hindi) प्रेगनेंसी के लक्षण दिखाई देते हैं। ये सभी लक्षण नार्मल (Normal) होते हैं जिससे आपको डरने या घबराने की जरूरत नहीं हैं। आज इस ब्लॉग में हम प्रेगनेंसी के पहले महीने, इसके दौरान आने वाले लक्षण, आपकी डाइट और कुछ सावधानियों पर चर्चा करेंगे। प्रेगनेंसी का पहला महीना गर्भधारण (Conception) से भी पहले शुरू हो जाता है। यह गर्भधारण करने से पहले के आखिरी पीरियड के पहले दिन से शुरू हो जाता है और अगले महीने की उसी तारीख को खत्म हो जाता है।

    अगर आप प्रेगनेंट हैं और पहली बार मां बनने जा रही हैं तो यह ब्लॉग आपके लिए बिलकुल जरूरी है। इसे पढ़ने के बाद आप प्रेगनेंसी और इससे जुड़ी सभी खास और जरूरी बातों को अच्छे से समझ जाएंगी। (  और पढ़े: प्रेगनेंसी के लक्षण — Pregnancy Ke Lakshan )

    Table of Contents

    प्रेगनेंसी के पहले महीने के लक्षण 

    प्रेगनेंसी के पहले महीने की शुरुआत होते ही 1 Month Pregnancy Symptoms in Hindi आप अपने अंदर कई तरह के बदलावों और लक्षणों को महसूस करना शुरू कर देती हैं। कई बार आप इन लक्षणों के कारण को सही से समझ पाती हैं और कई बार आप इनके कारण को समझने में असफल भी हो जाती हैं। अगर आप अपनी प्रेगनेंसी की पुष्टि करने का इंतजार कर रही हैं तो नीचे दिए हुए लक्षणों को खुद में अनुभव करने के बाद आप स्त्री-रोग विशेषज्ञ से मिलकर इसे कंफर्म कर सकती हैं।

    पीरियड्स न आना 

    आपकी प्रेगनेंसी के सबसे शुरूआती लक्षणों में से एक लक्षण (4 Weeks Pregnancy Symptoms in Hindi) पीरियड्स का न आना। क्योंकि जैसे ही आप गर्भधारण (Conceive) करती हैं आपके शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन शुरू हो जाता है जिसकी वजह से आपके पीरियड्स आने बंद हो जाते हैं। Pregnancy Sign in Hindi आपके पीरियड्स का नहीं आना आपकी प्रेगनेंसी की तरफ इशारा करता है।

    स्तनों का संवेदनशील होना और निप्पल का रंग बदलना 

    प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षणों में एक लक्षण आपके निप्पल का रंग बदलना और स्तनों का संवेदनशील होना भी शामिल है। Signs of Pregnancy in Hindi इस दौरान अपने स्तनों को छूने पर आप दर्द या संवेदनशीलता महसूस कर सकती हैं साथ ही आप यह भी देखेंगी की आपके निप्पल का रंग भी गया है। ये लक्षण कॉमन हैं और आपके पीरियड्स के पहले वाले लक्षणों के समान होते हैं। इनसे घबराने की जरूरत नहीं है।

    ऐंठन होना और खून के धब्बे आना 

    निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया में डिंब (Egg) अपने आप गर्भाशय (Uterus) के संपर्क में आता है जिसकी वजह से आप अपने शरीर में थोड़ी बहुत ऐंठन और खून के धब्बों को महसूस कर सकती हैं। Pregnancy 1 Month Symptoms in Hindi आमतौर पर आप इन्हे अपने प्राइवेट पार्ट्स को साफ करते समय अनुभव कर सकती हैं। ये लक्षण प्रेगनेंसी के पहले महीने के दौरान सामान्य माने जाते हैं इसलिए आपको इनसे डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। 1 Month Pregnancy Bleeding in Hindi — ज्यादा परेशानी होने पर आप स्त्री-रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से मिलकर बात कर सकती हैं।

    सीने में जलन होना 

    प्रेगनेंसी की शुरुआत में आपके शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव के कारण एसिड रिफ्लेक्स और आपके सीने में जलन होने की शिकायत होती है। Pregnancy Mein Pet Dard यह लक्षण बहुत ही सामान्य लक्षण जो कुछ समय के बाद अपने आप ही खत्म हो जाते हैं। आपको इसके बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। लेकिन अपने खान पान पर ध्यान देने की जरूरत है।

    सूंघने की क्षमता बढ़ना

    प्रेगनेंसी के दौरान आपके सूंघने की क्षमता काफी हद तक बढ़ जाती है। शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होने के कारण इस दौरान आपका नाक बहुत ही सेंसिटिव हो जाता है। सूंघने के बाद चीजें आपको अच्छी लग सकती हैं तो कुछ चीजों से आपको घृणा भी आ सकती है।

    मूड बदलना 

    प्रेगनेंसी के दौरान 2nd Week Pregnancy Symptoms in Hindi अचानक से मूड का बदलना, चिड़चिड़ापन होना, जरा सी बात खुश होना और जरा सी बात पर दुखी होना आम बात है। आप कभी भी हंस सकती हैं और कभी भी दुखी होकर रोना शुरू कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में आपको अपनी भावनाओं पर ध्यान देना चाहिए।

    इसके अलावा भी आपको और भी काफी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसमें बहुत सारी चीजें शामिल हैं जैसे की:-

    कब्ज होना उलटी होना जी मिचलाना चक्कर आना सिर में दर्द होना पेट में सूजन होना बार बार पेशाब लगना

    मॉर्निंग सिकनेस होना

    फुंसी और मुहांसे होना

    थकावट महसूस करना कमजोरी महसूस करना याददाश्त कमजोर होना

    सांस लेने में तकलीफ होना

    तेज भूख और प्यास लगना

    शरीर में दर्द और ऐंठन होना

    खान पान की आदतों में बदलाव आना

    प्रेगनेंसी के पहले महीने का डाइट  

    स्रोत : www.pristyncare.com

    First Trimester of Pregnancy: Why Are The First Three Months Of Pregnancy So Crucial pregnancy ke pehle teen mahine me kaise care kare in hindi

    First Trimester of Pregnancy: पहली बार मां बनने का अहसास बेहद खास और अलग होता है। सब कुछ नया महसूस करने वाली मां भीतर से थोड़ी डरी और खुश, एकसाथ दोनों चीजों का अनुभव कर रही होती है। ऐसा इसलिए,... First Trimester of Pregnancy: Why Are The First Three Months Of Pregnancy So Crucial pregnancy ke pehle teen mahine me kaise care kare in hindi - Hindustan

    हिंदी न्यूज़ लाइफस्टाइल

    प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने होते हैं बेहद खास, खानपान से लेकर रूटीन चेकअप तक ऐसे रखें ध्यान

    प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने होते हैं बेहद खास, खानपान से लेकर रूटीन चेकअप तक ऐसे रखें ध्यान

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    Manju Mamgainलाइफ हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीFri, 02 Jul 2021 03:58 PM

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    First Trimester of Pregnancy: पहली बार मां बनने का अहसास बेहद खास और अलग होता है। सब कुछ नया महसूस करने वाली मां भीतर से थोड़ी डरी और खुश, एकसाथ दोनों चीजों का अनुभव कर रही होती है। ऐसा इसलिए, पहली बार मां बनते समय कई ऐसी जरूरी बातें होती हैं जो महिलाओं को अच्छे से नहीं पता होती हैं। लेकिन अपने और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए हर महिला को इन बातों का पता होना बहुत जरूरी है।

    प्रेग्नेंसी के नौ महीनों की गिनती आखिरी पीरियड्स के पहले दिन से की जाती है। इन 9 महीनों को तीन ट्राइमेस्टर में बांटा जाता है। डॉक्टरों की मानें तो गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने हर महिला के लिए बेहद खास होते हैं। इस समय बरती गई थोड़ी सी सावधानी से महिला का बच्चा न तो प्रीमैच्योर होता है और न ही शारीरिक रूप से विकलांग।

    आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने खानपान से लेकर अपने रूटीन चेकअप तक पहली बार मां बनने वाली महिला को रखना चाहिए किन बातों का  ध्यान।

    पहली तिमाही (फर्स्ट ट्राइमेस्टर)

    9 महीनों को तीन ट्राइमेस्टर में बांटा जाता है। पहले 3 महीने फर्स्ट ट्राइमेस्टर के चरण में आते हैं। इस दौरान गर्भ में भ्रूण का विकास होना शुरू होता है। महिला का शरीर कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलावों से होकर गुजर रहा होता है। ये महीने सबसे ज्यादा चुनौती-भरे दिन भी होते हैं, इन्हीं महीनों में अबॉर्शन की आशंका सबसे ज्यादा बनी रहती है। इस दौरान डॉक्टर से पूछे बिना कोई भी दवा न लें। इस दौरान डॉक्टर से पूछे बिना ली गई दवाएं, आपके और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। बच्चे में संरचनात्मक विकार पैदा हो सकते हैं। डॉक्टर इस समय महिलाओं को फोलिक एसिड लेने की सलाह देते हैं।

    इन बातों का रखें ध्यान-

    डॉक्टरों की मानें तो प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में किसी भी महिला को ज्यादा भीड़भाड़, प्रदूषण और रेडिएशन वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर ट्रैवलिंग करने, लंबे समय तक खाली पेट रहने और अधिक मिर्च का सेवन करने से भी बचना चाहिए। महिलाओं को कोशिश करनी चाहिए कि वो थोडे-थोडे अंतराल पर कुछ-कुछ खाती रहें और फल, नारियल पानी या ग्लूकोज मिला पानी आदि लेती रहें।

    डाइट का भी रखें ध्यान-

    मॉर्निंग सिकनेस से बचने के लिए नींबू-पानी या अदरक की चाय पी जा सकती हैं। दिनभर में कम से कम 3-4 बार तरल चीजें, जैसे छाछ, नींबू-पानी, नारियल पानी, फलों का जूस या शेक का सेवन करें। ऐसा करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। इन तीन महीनों में बच्चे के अंग बनने शुरू हो जाते हैं। ऐसे में अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक चीजों को शामिल करने की कोशिश करें।

    रुटीन चेकअप्स-

    -एंटीनेटल स्क्रीनिंग टेस्ट (ब्लड ग्रुप और आरएच, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, स्क्रीनिंग फॉर इन्फेक्शंस - एचआइवी, सिफलिस, रुबेला, हेपेटाइटिस सी, हीमोग्लोबिनोपैथीज)नियमित रूप से जांच कराएं। हर 15 दिन में अपने डॉक्टर से अपना चेकअप अवश्य करवाएं।

    -यूएसजी ताकि आपको अपनी डिलिवरी डेट के साथ यह भी पता चल जाए कि गर्भ में एक या उससे ज्यादा शिशु तो नहीं है।

    -सातवें और बारहवें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड किया जाता है यह देखने के लिए कि होने वाले शिशु में कोई विकार तो नहीं है। बारहवें सप्ताह में डबल मार्कर ब्लड टेस्ट होता है।

    Disclaimer- इस आलेख में दी गई जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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    स्रोत : www.livehindustan.com

    गर्भावस्था का पहला महीना क्या है

    इस लेख में गर्भावस्था के पहले महीने, संकेत और लक्षण, गर्भावस्था के परीक्षण, गर्भावस्था के पहले महीने की सावधानियां और जोखिम कारकों के बारे में जानकारी है।

    गर्भावस्था का पहला महीना। First Month of Pregnancy in Hindi

    Dr Foram Bhuta

    BDS (Bachelor of Dental Surgery), 10 years of experience

    फ़रवरी 15, 2021 Womens Health 23307 Views

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    गर्भावस्था के पहले महीने का मतलब हिंदी में (First Month of Pregnancy Meaning in Hindi)

    गर्भावस्था एक महिला के जीवन में एक अलग तरह की खुशियां लेकर आती है। नौ महीने में एक महिला की जिंदगी बदल जाती है। इस दौरान महिला को कई तरह के लक्षण और लक्षण महसूस होते हैं। प्रेग्नेंसी के पहले महीने में महिला को पता ही नहीं चलता कि वो प्रेग्नेंट है। ऐसे में डॉक्टर महिला के आखिरी मासिक धर्म की तारीख की पुष्टि करता है और गर्भधारण की पुष्टि करता है। कुछ मामलों में, एक महिला मासिक धर्म में देरी को गर्भावस्था के रूप में गलत समझ सकती है, इसलिए गर्भावस्था परीक्षण करना आवश्यक है। जब नर शुक्राणु मादा के अंडे को निषेचित करता है, तो एक भ्रूण बनता है और महिला गर्भवती हो जाती है औसतन, एक महिला अपनी आखिरी अवधि शुरू होने के 40 सप्ताह बाद जन्म देती है। आज के लेख में हम गर्भावस्था के पहले महीने के बारे में विस्तार से बताएंगे।

    गर्भावस्था के पहले महीने में लक्षण और लक्षण क्या हैं? (What are the signs and symptoms in the First Month of Pregnancy in Hindi)गर्भावस्था के पहले महीने में एक महिला में कौन से शारीरिक परिवर्तन देखे जाते हैं? (What are the physical changes seen in a woman in the First Month of Pregnancy in Hindi)गर्भकालीन आयु क्या है? (What is gestational age in Hindi)गर्भावस्था के पहले महीने में भ्रूण का विकास कैसे होता है? (How does the fetus develop in the First Month of Pregnancy in Hindi)प्रेग्नेंसी के पहले महीने में कौन से टेस्ट करवाना चाहिए? (What tests should be done in the First Month of Pregnancy in Hindi)गर्भावस्था के पहले महीने में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (What are the things to be kept in mind during the First Month of Pregnancy in Hindi)ऐसी कौन सी जटिलताएँ हैं जिनके लिए तुरंत डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता होती है? (What are the complications that require an immediate visit to the doctor in Hindi)

    गर्भावस्था के पहले महीने में लक्षण और लक्षण क्या हैं? (What are the signs and symptoms in the First Month of Pregnancy in Hindi)

    गर्भावस्था के पहले महीने में, एक महिला को निम्नलिखित लक्षणों और लक्षणों का अनुभव हो सकता है।

    मासिक धर्म का न होना।

    मतली। स्तनों में कोमलता।

    स्पॉटिंग (और पढ़े – स्पॉटिंग के कारण क्या हैं?)

    मूड में बार-बार बदलाव।

    अत्यधिक शारीरिक थकान।

    जल्दी पेशाब आना।

    एसिड भाटा के कारण नाराज़गी।

    खाने की आदतों में बदलाव।

    गंध की भावना में वृद्धि।

    घबराहट हो रही है।

    कुछ खाद्य पदार्थों के प्रति संवेदनशीलता।

    सिर में भारीपन। चक्कर आना।

    (और पढ़े – चक्कर आना क्या है? घरेलू उपचार और चक्कर आने का इलाज)

    पीठ में तेज दर्द। भूख में वृद्धि। कब्ज। अनियमित मल त्याग।

    ये सभी लक्षण और लक्षण गर्भावस्था के पहले महीने में एक महिला में नहीं होते हैं, लेकिन सभी महिलाओं में इनमें से एक या अधिक लक्षण दिखना आम बात है।

    (और पढ़े  – अनियमित मासिक धर्म क्यों होता है?)

    गर्भावस्था के पहले महीने में एक महिला में कौन से शारीरिक परिवर्तन देखे जाते हैं? (What are the physical changes seen in a woman in the First Month of Pregnancy in Hindi)

    गर्भावस्था के पहले महीने के दौरान एक महिला में देखे जाने वाले शारीरिक परिवर्तन पीएमएस (प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम) की शुरुआत में एक महिला में दिखाई देने वाले लक्षणों के समान होते हैं, यानी मासिक धर्म शुरू होने से कुछ दिन पहले दिखाई देने वाले लक्षण। .

    गर्भावस्था के पहले महीने में निम्नलिखित शारीरिक परिवर्तन देखे जा सकते हैं, हालाँकि कुछ महिलाओं को ये बदलाव गर्भावस्था के बाद ही दिखाई दे सकते हैं।

    योनि स्राव में वृद्धि।

    बेचैनी महसूस हो रही है।

    चक्कर आना।

    थकान और कमजोरी महसूस होना (और पढ़े  – गर्भावस्था के दौरान थकान)

    स्तनों के आकार में परिवर्तन, यानी स्तनों का बढ़ना।

    निप्पल के आसपास का क्षेत्र बड़ा और गहरा हो सकता है।

    लाइट स्पॉटिंग। भार बढ़ना।

    (और पढ़े – सर्वाइकल कैंसर क्या है?)

    सर्वाइकल कैंसर को योनि से खून बहने, वजन कम होने आदि का एक कारण माना जाता है। मरीजों को तुरंत इलाज करवाना चाहिए और स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए। देश के विभिन्न शहरों में कई अस्पताल और स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, जहां सर्वाइकल कैंसर का इलाज किया जाता है।

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    गर्भकालीन आयु क्या है? (What is gestational age in Hindi)

    गर्भावस्था की अवधि की गणना महिला के अंतिम मासिक धर्म के पहले दिन से की जाती है। इसे गर्भकालीन आयु के रूप में जाना जाता है। लेकिन, आमतौर पर उसके 14 दिन बाद ही गर्भ धारण किया जाता है। इसलिए, गर्भावस्था लगभग एक महीने की होने के बावजूद, बच्चा अभी भी लगभग दो सप्ताह का ही है। इसलिए बच्चा हमेशा गर्भावस्था की अवधि से छोटा होता है।

    (और पढ़े – डायग्नोस्टिक लैप्रोस्कोपिक गायनोकोलॉजिकल प्रक्रियाएं क्या हैं?)

    गर्भावस्था के पहले महीने में भ्रूण का विकास कैसे होता है? (How does the fetus develop in the First Month of Pregnancy in Hindi)

    गर्भावस्था के पहले महीने में भ्रूण का विकास निम्न प्रकार से होता है।

    स्रोत : www.logintohealth.com

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    Mohammed 1 month ago
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