if you want to remove an article from website contact us from top.

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे

    Mohammed

    Guys, does anyone know the answer?

    get श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे from screen.

    ये हैं श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे : अभी जान लीजिये!

    आइये जानते है की श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे, इसे जाप की विधि और इस मंत्र से जुडी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ।

    ये हैं श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे : अभी जान लीजिये!

    December 15, 2022 by Nitesh Harode

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र की महिमा: जैसा कि हम सभी जानते हैं शंकर भगवान को प्रसन्न करना बहुत ही आसान है इसीलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। शिव जी का एक मन्त्र है “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र इसका पूरी निष्ठा के साथ जाप करने से भगवान शंकर प्रसन्न हो जाते हैं और आपकी मनोकामनाए पूर्ण कर देते हैं, आपके जीवन के कष्ट हर लेते हैं। आइये जानते हैं कि क्या हैं श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे, इसके जाप की विधि और इस मंत्र से जुडी कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ।

    Table of Contents

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का हिंदी अर्थ

    इस मंत्र का साधारण सा अर्थ है कि “हे श्री शिव आपको मेरा नमस्कार है”। यहाँ शिवाय का अर्थ भगवान शिव से है तथा नमस्तुभ्यं का अर्थ नमस्कार से है। इससे मिल कर यह एक पूरा वाक्य बनता है कि “हे श्री शिव आपको मेरा नमस्कार है।”

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का हिंदी अर्थ

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप की विधि

    इस जाप का आरम्भ करते समय आपको इस बात का ध्यान रखना है कि ऊन के बने आसन का उपयोग करें और इस आसन का ही हर बार आपको इस्तेमाल करना है इसे बार-बार परिवर्तित नहीं करना है। इस मंत्र का जाप प्रातः काल में किया जाना चाहिए साथ ही एक समय निश्चित कर लेना चाहिए और हर रोज़ उसी समय पर इस मंत्र का जाप करना चाहिए। 108 मोती की माला के साथ इस मंत्र का 108 बार जाप करने से लाभ प्राप्त होता है और ऐसा करना 1 लाख 8 हजार बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के बराबर है। शंकर भगवान के फोटो को समीप रख कर यह जाप किया जाता है। और मंदिर में या घर में बने मंदिर के सामने बैठ कर भी यह जाप किया जाता है।

    क्या श्री शिवाय नमस्तुभ्यं नहाने के बाद ही जपना चाहिए?

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे

    इस मंत्र का जाप करने से केवल मनोकामनाएं ही पूर्ण नहीं होती है अपितु इस मंत्र के जाप से बहुत सी बीमारियों में भी आराम मिलता है। पंडित प्रदीप मिश्रा जी कहते हैं कि इस मंत्र के जाप से हार्टअटैक, कैंसर जैसी भयानक बीमारियों का उपचार भी संभव है। पीड़ित के चिकित्सक तक पहुचने तक यदि उसके समीप यह जाप किया जाए तो इस जाप से काफी लाभ मिलता है।

    ऐसी मान्यता भी है कि इस मंत्र के जाप से लकवे और बुखार के मरीज़ को भी फायदा पहुँचता है। यदि लकवे के मरीज को शिव जी पर चढ़ा हुआ सरसों का वह तेल लगाया जाए जिस के साथ काली मिर्ची, लोंग, कमलगट्टे, बेलपत्र, शनि पत्र का भी उपयोग किया गया हो तो इस तेल की मालिश से लकवे का इलाज सम्भव होता है। इस मंत्र को हजार महामृत्युंजय मंत्र के बराबर माना गया है। इस मंत्र का जाप करने से  सुख, समृद्धि, धन लाभ, शांति की प्रप्ति भी होती है।

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप 108 बार

    इस वीडियो में आपको श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप 108 बार सुनने को मिलेगा। आप इसे अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर लगा कर इस मंत्र का लाभ उठा सकते हैं।

    FAQs

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का मतलब क्या होता है?

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का मतलब होता है, “हे श्री शिव आपको मेरा नमस्कार है”। इस मंत्र के माध्यम से भगवान् शिव की आराधना करते हुए उन्हें नमस्कार किया जा रहा है।

    कुछ और महत्वपूर्ण लेख –Pushya Nakshatra 2022: पुष्य नक्षत्र रहेगा इन राशियों के लिए अत्यधिक शुभजानिए शिव जी को क्यों नही चढ़ता है केतकी का फूलसम्पूर्ण महामृत्युंजय मंत्र लिखा हुआ एवं उसका हिंदी में अर्थओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग कैसे पहुंचे?

    2 Shares Nitesh Harode

    Related Articles

    दुर्लभ कश्यप कौन था?

    दर्पण किसे कहते हैं? दर्पण कितने प्रकार के होते हैं?

    सबसे गर्म ग्रह कौन सा होता है?

    How Do You Do Ka Reply Kya Hoga – हाउ डू यू डू का रिप्लाई क्या होगा?

    What’s Going On Ka Reply & Meaning Kya Hoga?

    आसमान में कितने तारे हैं?

    रोज की पूजा कैसे करें

    नाक से खून आना किस बीमारी का लक्षण है

    स्रोत : www.gyaangranth.com

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे या महत्त्व

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे या महत्त्व | श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का अर्थ - श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र यह भगवान शिव का बहुत ही कारगर और

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे या महत्त्व | श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का अर्थ

    July 27, 2022 by Shailesh Nagar

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे या महत्त्व | श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का अर्थ – श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र यह भगवान शिव का बहुत ही कारगर और प्रभावशाली मंत्र माना जाता हैं. ऐसा माना जाता है श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र शिव पुराण का मूल मंत्र हैं. इस मंत्र को महामृत्युंजय मंत्र समान माना जाता हैं.

    वैसे तो भगवान शिव के बहुत सारे मंत्र प्रभावशाली और कारगर माने जाते हैं. लेकिन यह मंत्र आपका पूरा जीवन बदल सकता हैं. ऐसा माना जाता है की इस मंत्र जाप से भगवान शिव स्वयं भक्त की मनोकामना पूर्ण करते हैं.

    दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे या महत्त्व बताने वाले हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले है. यह सभी महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

    तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

    Table of Contents

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे या महत्त्व

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के कुछ फायदे या महत्त्व हमने नीचे बताए हैं.

    भगवान शिव का यह मंत्र बहुत ही प्रभावशाली और कारगर माना जाता हैं. इस मंत्र को महामृत्युंजय मंत्र के बराबर माना जाता हैं. ऐसा माना जाता है की अगर आप श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का एक बार जाप करते हैं. तो आपको महामृत्युंजय मंत्र एक हजार बार जाप करने जितना लाभ मिलता हैं.

    इस मंत्र जाप से आपकी सभी प्रकार की मनोकामना पूर्ण होती हैं. ऐसा माना जाता है. की इस मंत्र जाप से भगवान शिव स्वयं भक्त की मनोकामना पूर्ण करते हैं.

    इस मंत्र जाप से भक्त को सुख, शांति, धन, समृद्धि आदि प्रकार का लाभ होता हैं.

    इस मंत्र जाप से मन प्रफुल्लित हो जाता हैं.

    इस मंत्र जाप से आपके सभी प्रकार के बिगड़े हुए काम हो जाते हैं.

    अगर आप कोई शुभ कार्य करने जा रहे हैं. तो कोई भी शुभ कार्य करने से पहले इस मंत्र का जाप करने से अवश्य ही आपको उस काम में सफलता मिलती है.

    अगर आपको कोई पुराना रोग हैं. आप किसी भी बीमारी से पीड़ित हैं. तो इस मंत्र जाप से आपका पुराने से पुराना रोग भी मिट जाता हैं.

    इस मंत्र जाप से मनुष्य का दिमाग का शांत होता हैं. तथा मानसिक विकार से भी मुक्ति मिलती हैं.

    इस मंत्र जाप से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता हैं. तथा धन लाभ होता हैं.

    राम रक्षा स्तोत्र के चमत्कार और महत्त्व

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का अर्थ

    श्री- श्री, शिवाय- भगवान शिव, नमस्तुभ्यं- नमस्कार

    इस मंत्र का अर्थ यह होता है की हे भगवान शिव आपको मेरा नमस्कार हैं.

    दक्षिणावर्ती शंख की असली पहचान क्या है | दक्षिणावर्ती शंख के फायदे और प्रकार 

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप कैसे करें

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप करने की संपूर्ण विधि हमने नीचे बताई हैं.

    इस मंत्र का जाप हमेशा स्नान आदि करने के बाद ही करना चाहिए.

    इस मंत्र जाप के दौरान बैठने के लिए जिस आसन का इस्तेमाल किया जाता हैं. वह साफ़-सुथरा होना चाहिए.

    इस मंत्र के जाप के दौरान आपको सिर्फ कुश या ऊन के आसन का ही इस्तेमाल करना हैं.

    वैसे तो आप इस मंत्र का जाप किसी भी समय कर सकते है. लेकिन प्रात:काल इस मंत्र का जाप करना अतिउत्तम माना जाता हैं.

    प्रात:काल उठने के बाद स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष आपको इस मंत्र का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ जाप करना हैं.

    लेकिन एक बात का विशेष ध्यान रखना है की मंत्र जाप के दौरान मंत्र उच्चारण सही शब्दों में होना चाहिए.

    इस मंत्र का जाप आप अपने घर के मंदिर के आगे बैठकर भी कर सकते हैं.

    इस मंत्र का आपको 108 बार रुद्राक्ष की माला से जाप करना हैं.

    अगर आप इस मंत्र का 108 बार जाप करते हैं. तो आपको 1 लाख 8 हजार बार महामृत्युंजय मंत्र जाप करने जितना लाभ मिलता हैं.

    भगवान शिव को प्रकट करने का मंत्र क्या है – सम्पूर्ण जानकारी 

    निष्कर्ष

    दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे या महत्त्व बताए हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

    हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

    स्रोत : vratkathaa.com

    सबसे शक्तिशाली शिव मंत्र (Shiv Mantra)

    शिव जी का यह शिव मंत्र (Shiv Mantra) शिव महापुराण का मूल मंत्र है. यह मंत्र शिव जी के महामृत्युंजय मंत्र के बराबर है. वैसे तो शिव जी के सभी मंत्र बहुत ही

    सबसे शक्तिशाली शिव मंत्र (Shiv Mantra) – संपूर्ण अर्थ, लाभ, और विधि

    April 3, 2022 by मंत्र संग्रह

    शिव जी का यह शिव मंत्र (Shiv Mantra) शिव महापुराण का मूल मंत्र है. यह मंत्र शिव जी के महामृत्युंजय मंत्र के बराबर है. वैसे तो शिव जी के सभी मंत्र बहुत ही प्रभावशाली होते है. यह मंत्र भी अन्यन्त प्रभावशाली है. यह एकमात्र मंत्र आपका जीवन बदल सकता है. इस मंत्र का जाप करने से शिव जी स्वयं आपकी मनोकामना पूर्ण करते है.

    Contents hide

    1 Shiv Mantra (With Explanation) | शिव मंत्र (अर्थ सहित)

    2 शिव मंत्र (Shiv Mantra) जाप करने की विधि

    2.1 आसन 2.2 समय

    2.3 चित्र या प्रतिमा

    2.4 माला

    3 रोगियों के लिए राम बाण है शिव मंत्र (Shiv Mantra)

    3.1 हार्टअटैक का उपचार

    3.2 लकवे का उपचार 3.3 बुखार का उपचार

    4 Shiv Mantra (शिव मंत्र) के लाभ

    5 अन्य शिव मंत्र (Shiv Mantra)

    6 प्रश्नोत्तर

    Shiv Mantra (With Explanation) | शिव मंत्र (अर्थ सहित)

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं (Shree Shivay Namastubhyam)

    अर्थश्री– श्री, शिवाय– भगवान शिव, नमस्तुभ्यं– नमस्कार.अर्थात: हे श्री शिव आपको मेरा नमस्कार है.

    शिव मंत्र (Shiv Mantra) जाप करने की विधि

    प्रत्येक मंत्र को जाप करने की एक उचित विधि होती होती है. उसी प्रकार Shiv Mantra (शिव मंत्र) के जाप की भी विधि है. इसे उचित विधि पूर्वक जाप करने से ही आपको फल प्राप्त होगा, अन्यथा मंत्र जाप का कोई फायदा नहीं होता. आईए आपको Shiv Mantra (शिव मंत्र) के जाप की विधि की जानकारी देते है.

    आसन

    मंत्र जाप के लिए आप किसी भी आसन का प्रयोग कर सकते है लेकिन कुश या ऊन के आसन का प्रयोग श्रेष्ठ माना जाता है. मंत्र जाप करते समय हमेशा शुद्ध और पवित्र आसन का प्रयोग करना चाहिए. हमेशा मंत्र जाप करते समय एक ही आसन का उपयोग करे.

    समय

    वैसे तो इस मंत्र का जाप कभी भी किया जा सकता है लेकिन प्रातः काल का समय इस मंत्र के जाप के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. सुबह के समय इस मंत्र का जाप करना ज्यादा लाभदायक होता है.

    चित्र या प्रतिमा

    शिव जी की फोटो या प्रतिमा को सामने रखे. चित्र या प्रतिमा को नमस्कार करे और अपने मन में शिव जी का ध्यान करते हुए मंत्र उच्चारण करे. अपने घर के मंदिर के सामने बैठ कर भी आप इस मंत्र का जाप कर सकते है.

    माला

    मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष की 108 मोती की माला का उपयोग करे. और इस मंत्र का 108 बार उच्चारण करे. यदि आप इस मंत्र का जाप दिन में 108 बार करते है तो यह बहुत अच्छा माना जाता है क्यूंकि इससे आपको 1 लाख 8 हजार महामृत्युंजय मंत्र का लाभ प्राप्त होता है.

    रोगियों के लिए राम बाण है शिव मंत्र (Shiv Mantra)

    इस शक्तिशाली शिव मंत्र (Shiv Mantra) का उपयोग कई रोगों के उपचार के लिए किया जाता है. आगे इस लेख में हम इसपर चर्चा करेंगे और यकीन मानिए आपको जानकर भी आश्चर्य होगा कि यह शिव मंत्र (Shiv Mantra) इतना लाभकारी है.

    हार्टअटैक का उपचार

    यदि किसी व्यक्ति को अचानक हार्टअटैक आने वाला हो. और ऐसी स्थिति में डॉक्टर के पास पहुँचने में यदि देर लग सकती हो तब ऐसे समय में आप यह उपचार कर सकते है.

    एक लोटे में जल लें ध्यान रखे की लोटा स्टील का नहीं होना चाहिए और उस जल से भरे लोटे में रास्ते पर पड़ा हुआ कोई भी एक कंकड़ (छोटा पत्थर) डाल दें.

    अब श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप करते हुए 21 बार यह जल पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से उतारे. अब लोटे में पड़ा हुआ कंकड़ निकाल कर बाहर फेंक दें और लोटे का जल पीपल के पेड़ को अर्पण कर दें. इस विधि से आपको तत्काल लाभ प्राप्त होगा.

    लकवे का उपचार

    यदि किसी व्यक्ति को एकाएक लकवा लग गया है. चाहे कितने भी दिन हो गए हो. उस समय डॉक्टर के इलाज के साथ-साथ आप इस उपचार को भी कर सकते है.

    इसके लिए सरसो के तेल की आधा लीटर की बोतल लीजिये और शिव जी पिंड पर चढ़ा दीजिये. और पाँच-पाँच काली मिर्ची, लोंग, कमलगट्टे, बेलपत्र, शनि पत्र शिव जी को चढ़ा दीजिये. यह सब चढाने के बाद सरसो का तेल और सारी सामग्री निकालकर एक बोतल में भर कर रखें.

    अब पीड़ित व्यक्ति के शरीर पर इस तेल से प्रतिदिन आधा घंटा या एक घंटा मालिश करना चाहिए. उस व्यक्ति में आपको पाँच दिन के अंदर ही फर्क दिखाई देगा. पाँच दिन में वह व्यक्ति चलने-फिरने लगेगा.

    बुखार का उपचार

    यदि किसी व्यक्ति के अचानक बीमार होने या बच्चो के अचानक बुखार से ग्रसित होने पर दवाई की व्यवस्था तत्काल ना होने पर आप इस उपाय को कर सकते है.

    इसके लिए आपको एक लोटा जल लेना होगा और उसमे थोड़ा सा गाय का दूध मिलाना होगा. उसके बाद इस दूध एवं पानी के मिश्रण में रास्ते में पड़ा हुआ कोई भी कंकड़ लेकर डाल दीजिये.

    अब श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र (Shree Shivay Namastubhyam) का जाप करते हुए कम से कम 7 एवं अधिक से अधिक 21 बार उस व्यक्ति या बच्चे के ऊपर से उतार लीजिये. अब लोटे के जल में पड़े हुए कंकड़ को निकाल कर बाहर फेंक दीजिये. और जल को पीपल के पेड़ पर अर्पण कर दीजिये. यह उपचार करने से पीड़ित व्यक्ति शिव जी की आसिम कृपा से जल्दी ठीक हो जाएगा.

    सावधानी:- केवल गाय के दूध का ही प्रयोग करें. यह कल्याणकारी होता है. एवं भैंस का दूध अर्थात राक्षसी का दूध होता है इसका उपयोग भूल कर भी ना करे.

    Shiv Mantra (शिव मंत्र) के लाभ

    श्री शिवाय नमस्तुभ्यं (Shree Shivay Namastubhyam)

    शिव जी का यह मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है. इस मंत्र के जाप से आपको तत्काल लाभ प्राप्त होता है. और आप पर शिव जी की कृपा बनी रहती है. आईए आपको इस मंत्र जाप से होने वाले लाभों से अवगत कराते है.

    स्रोत : mantrasangrah.in

    Do you want to see answer or more ?
    Mohammed 1 month ago
    4

    Guys, does anyone know the answer?

    Click For Answer