if you want to remove an article from website contact us from top.

    हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर अपने वक्तृत्व में हिंदी भाषा का महत्त्व प्रस्तुत कीजिए।

    Mohammed

    Guys, does anyone know the answer?

    get हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर अपने वक्तृत्व में हिंदी भाषा का महत्त्व प्रस्तुत कीजिए। from screen.

    हिन्दी दिवस

    आम तौर पर हम दुनिया को सर्व मानव ज्ञान का योग बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। अब, हम दुनिया को सर्व मानव ज्ञान की ध्वनि बनाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।

    [अनुवाद प्रक्रिया में हमारी मदद करें!]

    हिन्दी दिवस

    मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से

    नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ हिन्दी दिवस कार्यक्रम हिन्दी निबंध लेखन वाद-विवाद विचार गोष्ठी काव्य गोष्ठी श्रुति लेखन

    हिन्दी टंकण प्रतियोगिता

    कवि सम्मेलन पुरस्कार समारोह राजभाषा सप्ताह पुरस्कार

    राजभाषा गौरव पुरस्कार

    राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

    देवासं

    हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिन्दी केन्द्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। क्योंकि भारत मे अधिकतर क्षेत्रों में ज्यादातर हिन्दी भाषा बोली जाती थी इसलिए हिन्दी को राजभाषा बनाने का निर्णय लिया और इसी निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को प्रत्येक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किये।

    अनुक्रम

    1 इतिहास 2 कार्यक्रम 3 उत्पादक 4 उद्देश्य 5 हिन्दी सप्ताह 6 पुरस्कार

    6.1 राजभाषा गौरव पुरस्कार

    6.2 राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

    7 आलोचना 8 सन्दर्भ 9 इन्हें भी देखें 10 बाहरी कडियाँ

    इतिहास[संपादित करें]

    मुख्य लेख: हिन्दी दिवस का इतिहास

    वर्ष 1918 में गांधी जी ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राजभाषा बनाने को कहा था। इसे गांधी जी ने जनमानस की भाषा भी कहा था।[1] वर्ष 1949 में स्वतंत्र भारत की राजभाषा के प्रश्न पर 14 सितम्बर 1949 को काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया जो भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय की अनुच्छेद 343(1) में इस प्रकार वर्णित है.[2][3] संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी। संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप अन्तरराष्ट्रीय रूप होगा।[4]

    यह निर्णय 14 सितम्बर को लिया गया, इसी दिन हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह का 50वाँ जन्मदिन था, इस कारण हिन्दी दिवस के लिए इस दिन को श्रेष्ठ माना गया था। हालांकि जब राष्ट्रभाषा के रूप में इसे चुना गया और लागू किया गया तो अ-हिन्दी भाषी राज्य के लोग इसका विरोध करने लगे और अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा देना पड़ा। इस कारण हिन्दी में भी अंग्रेजी भाषा का प्रभाव पड़ने लगा।[5]

    कार्यक्रम[संपादित करें]

    हिन्दी दिवस के दौरान कई कार्यक्रम होते हैं। इस दिन छात्र-छात्राओं को हिन्दी के प्रति सम्मान और दैनिक व्यवहार में हिन्दी के उपयोग करने आदि की शिक्षा दी जाती है।[6] जिसमें हिन्दी निबन्ध लेखन, वाद-विवाद हिन्दी टंकण प्रतियोगिता आदि होता है।[7] हिन्दी दिवस पर हिन्दी के प्रति लोगों को प्रेरित करने हेतु भाषा सम्मान की शुरुआत की गई है। यह सम्मान प्रतिवर्ष देश के ऐसे व्यक्तित्व को दिया जाएगा जिसने जन-जन में हिन्दी भाषा के प्रयोग एवं उत्थान के लिए विशेष योगदान दिया है। इसके लिए सम्मान स्वरूप एक लाख एक हजार रुपये दिये जाते हैं।[8][9] हिन्दी में निबन्ध लेखन प्रतियोगिता के द्वारा कई जगह पर हिन्दी भाषा के विकास और विस्तार हेतु कई सुझाव भी प्राप्त किए जाते हैं। लेकिन अगले दिन सभी हिन्दी भाषा को भूल जाते हैं।[10] हिन्दी भाषा को कुछ और दिन याद रखें इस कारण राष्ट्रभाषा सप्ताह का भी आयोजन होता है। जिससे यह कम से कम वर्ष में एक सप्ताह के लिए तो रहती ही है।[11]

    हिन्दी निबन्ध लेखन वाद-विवाद विचार गोष्ठी काव्य गोष्ठी

    श्रुतलेखन प्रतियोगिता

    हिन्दी टंकण प्रतियोगिता

    कवि सम्मेलन[12] पुरस्कार समारोह राजभाषा सप्ताह

    उत्पादक[संपादित करें]

    बोलने वालों की संख्या के अनुसार अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद हिन्दी भाषा पूरे दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। लेकिन उसे अच्छी तरह से समझने, पढ़ने और लिखने वालों में यह संख्या बहुत ही कम है। यह और भी कम होती जा रही। इसके साथ ही हिन्दी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत अधिक प्रभाव हुआ है और कई शब्द प्रचलन से हट गए और अंग्रेजी के शब्द ने उसकी जगह ले ली है। जिससे भविष्य में भाषा के विलुप्त होने की भी संभावना अधिक बढ़ गयी है।[13][14]

    इस कारण ऐसे लोग जो हिन्दी का ज्ञान रखते हैं या हिन्दी भाषा जानते हैं, उन्हें हिन्दी के प्रति अपने कर्तव्य का बोध करवाने के लिए इस दिन को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है जिससे वे सभी अपने कर्तव्य का पालन कर हिन्दी भाषा को भविष्य में विलुप्त होने से बचा सकें। लेकिन लोग और सरकार दोनों ही इसके लिए उदासीन दिखती है। हिन्दी तो अपने घर में ही दासी के रूप में रहती है।[15] हिन्दी को आज तक संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा नहीं बनाया जा सका है। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि योग को 177 देशों का समर्थन मिला, लेकिन हिन्दी के लिए 129 देशों का समर्थन क्या नहीं जुटाया जा सकता ?[16] इसके ऐसे हालात आ गए हैं कि हिन्दी दिवस के दिन भी कई लोगों को ट्विटर पर हिन्दी में बोलो जैसे शब्दों का उपयोग करना पड़ रहा है।[17][18] अमर उजाला ने भी लोगों से विनती की कि कम से कम हिन्दी दिवस के दिन हिन्दी में ट्वीट करें।[19]

    उद्देश्य[संपादित करें]

    इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों को रूबरू कराना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूरी तरह से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास नहीं हो सकता है। इस एक दिन सभी सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जो वर्ष भर हिन्दी में अच्छे विकास कार्य करता है और अपने कार्य में हिन्दी का अच्छी तरह से उपयोग करता है, उसे पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया जाता है।[20]

    स्रोत : hi.wikipedia.org

    हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech)

    हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech) - हिंदी भारत की राष्ट्रीय भाषा है और 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस हिंदी लेख के माध्यम से हिंदी दिवस पर भाषण कैसे लिखते इसकी जानकारी आप प

    होम लेख

    हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech) - हिंदी दिवस पर भाषण कैसे लिखे यहाँ जानें

    हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech) - हिंदी दिवस पर भाषण कैसे लिखे यहाँ जानें

    Edited By Team Careers360 | Updated on Sep 20, 2022 - 9:28 a.m. IST

    Subscribe to Premium

    Download PDF

    हिंदी दिवस भाषण - भारत दुनिया में सबसे ज्यादा विविध संस्कृतियों वाला देश है। धर्म, परंपराओं और भाषा में इसकी विविधता के बावजूद यहां के लोग एकता में विश्वास रखते हैं। हिंदी भारत की सबसे प्रमुख भाषा है। दुनियाभर में हिंदी भाषा चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। भारत में विभिन्न भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन सबसे ज्यादा हिंदी भाषा बोली, लिखी व पढ़ी जाती है। वर्ष 1949 में हिंदी को हमारे देश में सर्वोच्च दर्जा प्राप्त हुआ और तब से हिंदी को हमारी राष्ट्रभाषा माना जाता है।Latest: हिंदी दिवस पर कविता विषय पर जानकारी के लिए लिंक पर जाएँ।हिंदी में प्रभावी निबंध, भाषण लिखने और बेहतर ढंग से विचार अभिव्यक्त करने के लिए लिंक की मदद लें।हिंदी में पत्र लेखन कला की जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें। होली पर निबंध के लिए यह लेख पढ़ें। हिंदी भाषा को सम्मान देने के लिए 10 जनवरी को प्रतिवर्ष विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Diwas) मनाया जाता है। ध्यान रहे कि राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Diwas) की जानकारी भी इस लेख में नीचे उपलब्ध है।

    Share

    हिंदी दिवस हमें यह याद दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि हिंदी भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है और प्रत्येक भारतीय को अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व महसूस करना चाहिए। गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर 14-15 सितंबर 2022 को दूसरा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन गुजरात के सूरत में आयोजित किया जा रहा है। पहला अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन 13-14 नवंबर, 2021 को वाराणसी में आयोजित किया गया था। वर्ष 2022 में 14 सितंबर से 29 सितंबर तक हिंदी पखवाड़े का आयोजन देशभर में किया जा रहा है। इस संदर्भ में कई तरह के आयोजन किए जाते हैं, जिनमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत और सम्मानित भी किया जाता है। हिंदी दिवस 2022 के इन कार्यक्रमों में हिंदी निबंध प्रतियोगिता, अनुवाद प्रतियोगिता, हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता, हिंदी टिप्पण एवं आलेखन प्रतियोगिता, हिंदी दिवस भाषण प्रतियोगिता आदि शामिल हैं। हिंदी में कामकाज को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यालय में हिंदी दिवस पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की झलक नीचे देख सकते हैं-

    अन्य लेख पढ़ें-हिंदी में निबंध- भाषा कौशल, लिखने का तरीका जानेंवायु प्रदूषण पर निबंधगणतंत्र दिवस पर भाषणबाल दिवस पर भाषणदिवाली पर निबंधहिंदी दिवस पर कविताओं की प्रस्तुति के लिए जानकारी यहाँ से लें

    हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech)

    मेरे माननीय प्रधानाचार्य, मेरे आदरणीय शिक्षकों और मेरे प्यारे दोस्तों को सुप्रभात।

    मैं (आपका नाम) हूं और आज मुझे हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech) देने का अवसर प्राप्त हुआ है।

    साथियों जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज हम सब हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में यहां उपस्थित हुए हैं। हममें से अधिकतर लोग यह भी जानते होंगे कि राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। भारत अनेकता में एकता वाला देश है। अपने विविध धर्म, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के साथ, भारत के लोग सद्भाव, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं। भारत में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाओं में, हिंदी सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली और बोली जाने वाली भाषा है।

    ऊपर दिए गए संबोधन में अवसर और आयोजन के अनुरूप उपयुक्त बदलाव जरूर कर लें।

    अन्य लेख पढ़ें-

    12वीं के साथ नीट की तैयारी कैसे करें

    कक्षा 10 से नीट की तैयारी कैसे करें

    कक्षा 11 से नीट की तैयारी कैसे करें

    दशहरा पर निबंध

    वर्ष 2001 में रिकॉर्ड के अनुसार, लगभग छब्बीस करोड़ नागरिक हिंदी में बात करते हैं। हिंदी को 14 सितंबर 1949 को भारत की राष्ट्रीय भाषा के रूप में अपनाया गया तब से हिंदी भाषा को एक उच्च दर्जा प्राप्त हुआ और इसी उपलक्ष्य में हम प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाते हैं।

    हिंदी एक इंडो-आर्यन भाषा है, जिसे देवनागरी लिपि में भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में लिखा गया है। राजेंद्र सिंह, हजारी प्रसाद द्विवेदी, काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त और सेठ गोविंद दास गोविंद जैसे लोगों ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा बनाए जाने के पक्ष में कड़ी पैरवी की थी। भारतीय संविधान के आधार पर, अनुच्छेद 343 के अनुसार, हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था। हमारी मातृभाषा हिंदी और देश के प्रति सम्मान दिखाने के लिए ही हिंदी दिवस का आयोजन किया जाता है।

    हिंदी दिवस पूरे भारत में बहुत उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है। शिक्षण संस्थानों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक सभी हमारी राष्ट्रभाषा को सम्मान देते हैं।

    इतिहासकारों का मानना है कि हिन्दी विद्वानों द्वारा अपनी महान साहित्यिक कृतियों में प्रयोग की जाने वाली प्रमुख भाषा रही है। रामचरितमानस एक साहित्यिक कृति है जो हिंदी में भगवान राम की कहानी का वर्णन करती है और गोस्वामी तुलसीदास की सबसे महत्वपूर्ण कृतियों में से एक है, जिसे 16 वीं शताब्दी में लिखा गया था। हिंदी सबसे आदिम भाषाओं में से एक है जो मूल रूप से संस्कृत भाषा से संबंधित है। अतीत से, हिंदी एक भाषा के रूप में विकसित होकर हमारी राष्ट्रभाषा बन गई है।

    स्रोत : school.careers360.com

    हिंदी दिवस पर निबंध महत्व कविता भाषण स्लोगन

    हिंदी दिवस महत्व कविता भाषण स्लोगन Hindi Diwas Poem, Speech, Slogan (Hindi Diwas 14th September  हिंदी, भारत देश की मातृभाषा. गर्व से स्वीकारते हैं कि हम हिंदी भाषी हैं. अनेकता में एकता का स्वर हिंदी के माध्यम से गूंजता हैं. जीवन में भाषा का सबसे अधिक महत्व होता हैं. एक भाषा ही हममे तहज़ीब का […]

    अनमोल वचनकवितायेत्यौहार

    हिंदी दिवस पर निबंध महत्व कविता भाषण स्लोगन – Hindi Diwas nibandh in Hindi

    By Karnika- August 17, 2022

    0

    हिंदी दिवस महत्व कविता भाषण स्लोगन Hindi Diwas Poem, Speech, Slogan (Hindi Diwas 14th September 

    हिंदी, भारत देश की मातृभाषा. गर्व से स्वीकारते हैं कि हम हिंदी भाषी हैं. अनेकता में एकता का स्वर हिंदी के माध्यम से गूंजता हैं. जीवन में भाषा का सबसे अधिक महत्व होता हैं. एक भाषा ही हममे तहज़ीब का विकास करती हैं. इसी कारण सभी देशो की अपनी एक मूल भाषा होती है, जिसका सम्मान करना देशवासियों का कर्तव्य हैं. माना कि भाषा भावनाओं को व्यक्त करने का एक साधन मात्र हैं लेकिन इस साधन में वो बल हैं जो दुनियाँ को बदल सकता हैं. विभिन्नताओं के बीच एक भाषा ही है, जो एकता का आधार बनती हैं और हम सभी को इस एकता के साधन का सम्मान करना चाहिये. हिंदी हमारी मातृभाषा हैं जिसे सम्मान देना हमारा कर्तव्य हैं.

    हिंदी दिवस भारत में हिंदी का विकास करने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है. भारत एक ऐसा देश है, जहाँ पर बहुत अधिक संस्कृतियाँ पायी जाती हैं. इन सांस्कृतिक भिन्नता की वजह से कई तरह की भाषाएँ भी सम्मिलित होती है. चूँकि इतनी भाषाओँ के होने की वजह से यहाँ के औपचारिक कार्यों में यह तय कर पाना कठिन हो जाता है कि किस भाषा में सभी औपचारिक कार्य किये जाएँ. इस वजह से हिंदी को एक मुख्य भाषा के रूप में स्थापित करने की कोशिश की गयी. यहाँ पर हिंदी और हिंदी दिवस से सम्बंधित सभी विशेष बातों का वर्णन किया जा रहा है.

    Table of Contents

    हिंदी दिवस का इतिहास (Hindi Diwas History in hindi):

    भारत देश कई विधाओं का मिश्रण हैं. उनमे कई भाषाओँ का समावेश हैं. इन सभी भाषाओँ में हिंदी को देश की मातृभाषा का दर्जा दिया गया था. आज यह दुनिया में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक हैं. इसे सम्मान देने के लिए प्रति वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस और राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता हैं.

    वास्तव में 14 सितम्बर 1949 के दिन आजादी के बाद हिंदी को देश की मातृभाषा का गौरव प्राप्त हुआ. उसी की याद में 1953 में निर्णय लिया गया, जिसके फलस्वरूप  प्रति वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा.

    विश्व हिंदी दिवस कब मनाया जाता है? (International Hindi Diwas Date):

    14 सितम्बर को स्वदेश में हिंदी दिवस मनाया जाता हैं विश्व स्तर पर भी इस खास दिवस को मनाया जाता हैं. सर्वप्रथम 10 जनवरी 1975 को नागपुर महाराष्ट्र में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया था. उसके बाद 2006 में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस (International Hindi Diwas) के रूप में मनाये जाने का ऐलान किया गया. खासतौर पर विदेशो में बने भारतीय दूतावास में 10 जनवरी को हिंदी दिवस बड़े शान-ओ-शोकत से मनाया जाता हैं. दुनिया में हिंदी के महत्व (Hindi Ka Mahtva) को समझाने के लिए यह दिन शुरू किया गया था.

    हिंदी दिवस 14 सितंबर को क्यों मनाया जाता है

    हिंदी दिवस 14 सितंबर को क्यों मनाया जाता है

    भारत के संविधान में 14 सितम्बर 1949 को हिंदी को देवनागरी लिपि के साथ भारतीय गणतंत्र का औपचारिक माना गया था. 26 जनवरी 1950 के दौरान भारत में संविधान पारित हुआ और हिंदी को औप्चारिक भाषा के रूप में स्थापित किया गया. इस बात का जिक्र भारतीय संविधान के आर्टिकल 343 में किया गया है. आज भी केंद्र सरकार के अधीन हिंदी और इंग्लिश दो ही औप्चारिक भाषाएँ हैं.

    हिंदी दिवस मनाये जाने के करण (Hindi Diwas Celebrate Reason)

    हिंदी दिवस मनाना आज के समय में अनिवार्य हो गया है. दरअसल तात्कालिक समय में लोग केवल अंग्रेजी पर ही ध्यान देते हैं. लोगों के बीच केवल उन्हीं लोगों को पढ़ा लिखा माना जाता है जो अंग्रेजी बोल पाते हैं. कई स्थानों पर तो हिंदी बोलने से व्यक्ति के ‘स्टेटस’ पर फ़र्क पड़ने लगता है. इस कारण कई लोग हिंदी पर जरा भी ध्यान नहीं देते. यहाँ पर कुछ विशेष पहलुओं का वर्णन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत यह पता चलता है कि तात्कालिक समय में लोगों को हिंदी के लिए जागरूक करने के लिए हिंदी दिवस मनाना क्यों आवश्यक है.

    किसी भी भाषा के साथ उसकी संस्कृति जुडी हुयी होती है. भारत का सांस्कृतिक इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है. जो भी भारतीय इस सांस्कृतिक इतिहास की जानकारियों से अछूता रह जाता है अथवा इसे नहीं अपना पाता, वह पूर्ण रूप से भारतीय नहीं हो सकता है. अतः अपनी संस्कृति को समझने के लिए हिंदी को जानना अतिआवश्यक है.

    देश में सभी लोगों को आज भी अंग्रेजी का ज्ञान पूर्ण रूप से नहीं हो सका है. लोग अक्सर अंग्रेजी बोलते हुए बीच बीच में हिंदी का सहारा लेने लगते हैं. अतः यदि किसी व्यक्ति को हिंदी बेहतर आती तो, तो वह किसी भी स्थान पर प्रतिष्ठित रूप से इसका प्रयोग कर सकता है. इसलिए हिंदी के महत्व को समझना बहुत आवश्यक है.

    हिंदी में कई ऐसी रचनाएं हुईं है, जिसे पढ़ कर और जिस पर अमल करके व्यक्ति का जीवन बदल सकता है. इस तरह की रचानाओं को पढने समझने के लिए हिंदी का सीखना आवश्यक है. हिंदी दिवस के माध्यम से लोगों के बीच इन रचनाओं के प्रति जागरूकता लाने का प्रयत्न किया जाता है.

    हिंदी की सहायता से देश की एकता और अखंडता को कायम रखा जा सकता है. अतः हिंदी दिवस को मनाते हुए देश के लोग एक साथ आगे आ पाते है, और देश में एकता का प्रसार होता है. इसलिए यह बहुत आवश्यक भाषा है.

    कैसे मनाते हैं हिंदी दिवस (Hindi Diwas Celebration In India):

    आमतौर पर 14 सितम्बर के दिन बच्चों को मातृभाषा का महत्व बताने के लिए स्कूल से प्रोजेक्ट दिए जाते हैं. हिंदी दिवस के उपलक्ष मे प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता हैं, जिसमे वाद विवाद, भाषण, कविता वाचन, निबंध आदि क्षेत्र आते हैं. इसके आलावा राजनीती गलियारों में हिंदी दिवस के लिए छोटे मोटे समारोह का आयोजन किया जाता हैं.

    दुःख की बात तो यह हैं कि युवा वर्ग जो अपने जीवन की व्यस्तता में इतना लग्न हैं कि उसे यह दिन याद तक नहीं रहता हैं. वास्तव में हम सभी जानते हैं कि सर्वाधिक बोले जाने वाली इस भाषा को वो सम्मान प्राप्त नहीं हैं जो होना चाहिये हैं और इसका कारण हैं अपनी भाषा को तुच्छ समझना. जब तक हम स्वयं अपने देश की धरोहर हमारी मातृभाषा का सम्मान नहीं करेंगे तब तक हम इसे सम्मान दिला नहीं पायेंगे.

    स्रोत : www.deepawali.co.in

    Do you want to see answer or more ?
    Mohammed 11 day ago
    4

    Guys, does anyone know the answer?

    Click For Answer